Breaking Mystery: क्या दिल्ली पुलिस की मुठभेड़ ने रोहित गोदारा गिरोह की बड़ी साज़िश का पर्दाफाश कर दिया है? कापसहेड़ा से पकड़े गए दो वांछित शूटरों के पीछे छिपे गैंगवार कनेक्शन और लॉरेंस बिश्नोई से अलग हुए गठजोड़ की कहानी चौंकाती है।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजधानी के कापसहेड़ा इलाके में एक बड़े एनकाउंटर (Delhi Encounter) के बाद रोहित गोदारा गैंग (Rohit Godara Gang) के दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि यह दोनों शूटर गंगानगर और गुजरात में कई संगीन मामलों (Most Wanted Shooters) में वांछित थे। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली भी लगी। पुलिस के मुताबिक यह गिरफ्तारी सिर्फ एक एनकाउंटर का नतीजा नहीं, बल्कि राजधानी में फैले गैंगवार नेटवर्क पर बड़ा वार है।

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आखिर कौन है रोहित गोदारा और उसका गैंग?

रोहित गोदारा (Rohit Godara) का नाम उत्तर भारत में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ा है। बताया जाता है कि पहले यह लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का हिस्सा था, लेकिन बाद में उसने अलग होकर अपना खुद का गैंग बना लिया। अब यह जगदीश झांगड़ा और अक्षय गिरोह के साथ मिलकर नई गठजोड़ की शक्ल ले चुका है। 

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कापसहेड़ा एनकाउंटर में क्या हुआ?

दिल्ली के कापसहेड़ा (Kapashera Encounter) में पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ शूटर छुपे हुए हैं। काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट ने घेराबंदी की और मुठभेड़ शुरू हो गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दो शूटरों को दबोच लिया। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पकड़े गए शूटर्स आकाश राजपूत ओर महिपाल है। आकाश राजपूत राजस्थान के श्रीगंगानगर और महिपाल भरतपुर का रहने वाला है।

क्या इन शूटरों के तार गैंगवार से जुड़े हैं?

पुलिस सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए दोनों शूटर कई आपराधिक मामलों में वांछित थे। इनके खिलाफ गंगानगर और गुजरात में गंभीर केस दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार आकाश राजपूत हरियाणा के करनाल जिला अंतर्गत असाध में एक अस्पताल क बाहर फिरौती के लिए जुलाई 2022 में हुई गोलीबारी में शामिल था। इस घटना को विदेश में बैठे गैंगस्टर दलेर कोटिया ने कराई थी। इसके अलावा जुलाई 2025 में गुजरात के एक कारोबारी का फिरौती के लिए हुए अपहरण में भी वह शामिल था। जिसमें विदेश में छिपे गैंगस्टर कीरत सिंह झाला ने 100 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। राजस्थान पुलिस ने आकाश पर 20 हजार रुपए का ईनाम घोषित कर रखा था। वह दोनों रोहित गोदारा के साथ-साथ गोल्डी बराड, वीरेंद्र चारणके साथ भी जुड़े थे। खास बात यह है कि यह दोनों कथित तौर पर गैंगवार की तैयारियों में शामिल थे और गोदारा गैंग का सक्रिय हिस्सा थे।

क्यों बढ़ रहा है दिल्ली में गैंगवार का खतरा?

दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ समय से लगातार गैंगस्टर नेटवर्क सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। कभी लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) गिरोह तो कभी काला जठेड़ी गैंग, और अब रोहित गोदारा गैंग-सभी राजधानी में वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि इन गैंगों की गतिविधियों पर नकेल कैसे कसी जाए।