दिल्ली सरकार ने EV Subsidy Portal लॉन्च कर दिया है। अब घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करें, रियल-टाइम स्टेटस ट्रैक करें और सत्यापन के बाद अधिकतम 60 दिनों में DBT के जरिए सब्सिडी सीधे बैंक खाते में प्राप्त करें।
Delhi EV Policy 2026: दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई दिल्ली EV सब्सिडी पोर्टल की शुरुआत कर दी है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अब राजधानी के नागरिक घर बैठे इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन योजनाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे। सरकार का दावा है कि आवेदन का सत्यापन पूरा होने के बाद अधिकतम 60 दिनों के भीतर प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाएगी।

अब घर बैठे करें EV सब्सिडी के लिए आवेदन
नई व्यवस्था के तहत evsubsidy.delhi.gov.in पोर्टल को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। इस पोर्टल पर आवेदन करने के बाद नागरिक अपने आवेदन की रियल-टाइम ट्रैकिंग भी कर सकेंगे। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। सरकार का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को आसान और समयबद्ध बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
60 दिनों में DBT के जरिए मिलेगी सब्सिडी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि पात्र आवेदकों को सत्यापन पूरा होने के बाद अधिकतम 60 दिनों के भीतर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सब्सिडी की राशि मिलेगी। सरकार का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, प्रदूषण कम करना और नागरिकों को डिजिटल सेवाओं का बेहतर अनुभव देना है। नई व्यवस्था से आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और पारदर्शी होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से की EV अपनाने की अपील
पोर्टल लॉन्च करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोग EV का इस्तेमाल करें ताकि राजधानी को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण-मुक्त बनाने के लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सके। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सरकार का मानना है कि नई EV पॉलिसी और डिजिटल सब्सिडी पोर्टल से इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को बढ़ावा मिलेगा और नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहले से अधिक आसानी से मिल सकेगा।


