दिल्ली सरकार के श्रम विभाग ने सभी सरकारी विभागों और पीएसयू को सख्त निर्देश दिया है कि वे त्योहारी सीजन से पहले आउटसोर्स कर्मचारियों को उनका वैधानिक बोनस देना सुनिश्चित करें।

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार (GNCTD) के श्रम विभाग ने सोमवार को एक अहम एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने सभी सरकारी विभागों, स्वायत्त निकायों और पीएसयू (PSUs) को सख्त निर्देश दिया है। उन्हें कहा गया है कि वे आने वाले त्योहारी सीजन से पहले आउटसोर्स कर्मचारियों को अकाउंटिंग ईयर 2025-26 का वैधानिक बोनस (statutory bonus) जरूर दें। सचिव-सह-आयुक्त (श्रम) कार्यालय की इस एडवाइजरी के मुताबिक, ठेकेदारों को अकाउंटिंग ईयर खत्म होने के आठ महीने के अंदर यह बोनस बांटना होगा। इसके लिए 30 नवंबर 2026 की डेडलाइन तय की गई है।

निर्देश में यह भी बताया गया है कि 21 नवंबर 2025 से 'कोड ऑन वेजेज, 2019' (Code on Wages, 2019) लागू हो जाएगा। इसके लागू होते ही पुराना 'पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट, 1965' खत्म माना जाएगा। नए नियमों के तहत, 21,000 रुपये महीने तक कमाने वाले आउटसोर्स कर्मचारी इस बोनस के हकदार होंगे। शर्त बस इतनी है कि उन्होंने कम से कम 30 दिन काम किया हो। एडवाइजरी में साफ लिखा है, "बोनस कम से कम 8.33% या 100 रुपये (जो भी ज्यादा हो) और अधिकतम 20% दिया जाएगा। इसकी कैलकुलेशन 7,000 रुपये की लिमिट या न्यूनतम मजदूरी (जो भी ज्यादा हो) पर होगी। दिल्ली (GNCTD) में 21,000 रुपये की सैलरी लिमिट अभी भी लागू है।"

विभाग ने ठेकेदारों को कड़ी चेतावनी दी है। अगर वे बोनस देने में आनाकानी करते हैं, तो उन पर जुर्माना लगेगा। साथ ही, 'कोड ऑन वेजेज, 2019' के तहत दावों के जरिए रिकवरी की कार्रवाई भी होगी। मुख्य नियोक्ताओं (Principal Employers) को भी अलर्ट किया गया है। 'ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (OSH) कोड, 2020' के तहत, अगर ठेकेदार बोनस नहीं देता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मुख्य नियोक्ता की होगी।

अतिरिक्त श्रम आयुक्त यू. के. सिन्हा ने अपनी एडवाइजरी में कहा, “सभी मुख्य नियोक्ता यह सुनिश्चित करें कि उनके ठेकेदार त्योहारी सीजन में सभी योग्य आउटसोर्स कर्मचारियों को अकाउंटिंग ईयर 2025-26 का बोनस दें। 21,000 रुपये से ज्यादा सैलरी वालों को बोनस देना या न देना, पूरी तरह से नियोक्ता की मर्जी है।”