दिल्ली सरकार ने पवित्र श्रावण महीने में कांवड़ियों के स्वागत के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक उच्च-स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि कांवड़ियों की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और भक्तिमय बनाने के लिए सभी इंतज़ाम किए जाएं।

नई दिल्ली : पवित्र श्रावण महीने के दौरान हरिद्वार और अन्य पवित्र जगहों से गंगाजल लेकर राजधानी आने वाले कांवड़ियों के स्वागत के लिए दिल्ली सरकार ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें कांवड़ यात्रा को सुगम, सुरक्षित और भक्तिमय माहौल में संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया गया। 

कांवड़ यात्रा सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत की एक जीती-जागती मिसाल है। श्रावण के महीने में जब भगवान शिव के लाखों भक्त 'हर हर महादेव' और 'बोल बम' का जयकारा लगाते हुए दिल्ली की सड़कों से गुज़रते हैं, तो पूरा माहौल आस्था और भक्ति से भर जाता है। 
  • सीएम गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने व्यापक इंतज़ाम किए हैं ताकि राजधानी में आने वाले हर कांवड़िए का सम्मान के साथ स्वागत हो, उन्हें सुरक्षा मिले और बेहतर सुविधाएं दी जाएं। 

दिल्ली सचिवालय में हुई इस समीक्षा बैठक

  • दिल्ली सचिवालय में हुई इस समीक्षा बैठक में दिल्ली के कला एवं संस्कृति मंत्री और कांवड़ समिति के अध्यक्ष कपिल मिश्रा, समिति के सदस्य विधायक अजय महावर, अनिल शर्मा, करनैल सिंह, संजय गोयल और उमंग बजाज के साथ-साथ विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि राजधानी आने वाला भगवान शिव का हर भक्त सुरक्षित, सम्मानित और स्वागत महसूस करे। 
    दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के मुताबिक, सीएम गुप्ता ने अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को सभी तैयारियां सेवा भाव और आपसी तालमेल के साथ करने का निर्देश दिया। 
  • उन्होंने बताया कि कांवड़ियों के स्वागत के लिए दिल्ली के प्रमुख मार्गों और एंट्री पॉइंट्स पर स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। भक्तों पर फूलों की बारिश कर उनका स्वागत करने की भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह खुद भी शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर कांवड़ियों का अभिनंदन करेंगी। 

दिल्ली सीएम ने कहा शिव भक्तों को कुछ नहीं हो

  • मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दिल्ली के लोगों ने हमेशा भगवान शिव के भक्तों के प्रति गहरी आस्था और सेवा का मज़बूत भाव दिखाया है। इस साल भी सरकार और जनता मिलकर कांवड़ यात्रा को भक्ति, सेवा और मेहमाननवाज़ी का एक यादगार अवसर बनाएंगे। 
  • कांवड़ समितियों को ज़रूरी मंज़ूरी और अन्य सुविधाएं आसानी से मिल सकें, इसके लिए एक सिंगल-विंडो सिस्टम बनाया गया है। इसका मकसद यह है कि समितियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें समय पर सभी ज़रूरी मदद मिल जाए। 
  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कांवड़ समितियों के साथ करीबी तालमेल बनाए रखें और उनकी वास्तविक ज़रूरतों के आधार पर हर संभव सहायता दें, ताकि शिविरों में आने वाले भक्तों को बेहतरीन सुविधाएं मिल सकें। 
  • सीएम गुप्ता ने निर्देश दिया कि कांवड़ शिविरों में साफ़-सफ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने अधिकारियों से 24 घंटे सफाई की व्यवस्था और सफाई कर्मचारियों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। मोबाइल टॉयलेट्स की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी क्वालिटी, नियमित सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। 
  • उन्होंने यह भी साफ़ निर्देश दिए कि कांवड़ शिविरों में लगाए गए सभी मोबाइल टॉयलेट अच्छी क्वालिटी के होने चाहिए और उनकी सफाई और रखरखाव की ज़िम्मेदारी संबंधित एजेंसी को सौंपी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 - बैठक में कांवड़ियों के लिए स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को सभी शिविरों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को अलग-अलग शिफ्ट में तैनात किया जाएगा ताकि भक्तों को दिन-रात मेडिकल सहायता मिल सके। पीने के साफ़ पानी, बिना रुकावट बिजली की सप्लाई और बारिश के मौसम में जलभराव से निपटने के लिए पहले से प्रभावी इंतज़ाम करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान कांवड़ मार्गों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षा व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की गई। 

  • मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय बनाकर बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन, पीसीआर की तैनाती और दुर्घटना की रोकथाम से जुड़ी सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर लें। उन्होंने कहा कि प्रमुख एंट्री रूट्स पर ट्रैफिक मैनेजमेंट ऐसा होना चाहिए कि कांवड़ियों की धार्मिक यात्रा बिना किसी रुकावट के चलती रहे और आम जनता को भी कम से कम असुविधा हो। 
  • 'सावन' का महीना हिंदू पौराणिक कथाओं में एक विशेष स्थान रखता है। इस दौरान भक्त उपवास रखते हैं और भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए प्रार्थना करते हैं। 'सावन' महीने के दौरान घरों और मंदिरों में शिव मंत्रों का जाप, भजन गाना और रुद्राभिषेक (पवित्र पदार्थों से शिवलिंग का अभिषेक) करना आम बात है। (ANI)