दिल्ली मेट्रो जल्द ही जामिया मिलिया इस्लामिया और जसोला विहार शाहीन बाग स्टेशनों पर FASTag आधारित स्मार्ट पार्किंग शुरू कर सकती है। यात्रियों को UPI, NCMC और अन्य डिजिटल पेमेंट विकल्प मिलेंगे, जबकि CCTV और ऑटोमैटिक बैरियर सुरक्षा बढ़ाएंगे।

दिल्ली मेट्रो से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए जल्द ही पार्किंग का अनुभव पूरी तरह बदल सकता है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) मैजेंटा लाइन के जामिया मिलिया इस्लामिया और जसोला विहार शाहीन बाग मेट्रो स्टेशनों पर आधुनिक स्मार्ट पार्किंग सिस्टम विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और पूरी तरह डिजिटल पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना है।

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करीब 1.26 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट के तहत पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, संचालन और रखरखाव किया जाएगा। नई व्यवस्था में यात्रियों को नकद भुगतान की जरूरत नहीं होगी। पार्किंग शुल्क FASTag, UPI, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC), डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और ई-वॉलेट जैसे डिजिटल माध्यमों से चुकाया जा सकेगा।

ऑटोमैटिक बैरियर और कैशलेस सिस्टम से मिलेगा बेहतर अनुभव

प्रस्तावित स्मार्ट पार्किंग सिस्टम में ऑटोमैटिक बूम बैरियर लगाए जाएंगे, जो वाहनों की एंट्री और एग्जिट को नियंत्रित करेंगे। इससे पार्किंग में लगने वाला समय कम होगा और ट्रैफिक प्रबंधन भी बेहतर हो सकेगा। प्रस्ताव के अनुसार, कार पार्किंग के लिए 6 घंटे तक 30 रुपये और 12 घंटे तक 50 रुपये शुल्क रखा जा सकता है। वहीं दोपहिया वाहनों के लिए 6 घंटे तक 15 रुपये और 12 घंटे तक 25 रुपये का शुल्क प्रस्तावित है। नियमित यात्रियों के लिए मासिक पार्किंग पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है।

दिव्यांग यात्रियों और सुरक्षा पर विशेष ध्यान

इस परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता दिव्यांग यात्रियों के लिए बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना है। स्टेशन के प्रवेश द्वार, रैंप और लिफ्ट के नजदीक विशेष पार्किंग स्थान आरक्षित किए जाएंगे, ताकि उन्हें मेट्रो सेवाओं तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

सुरक्षा और सुविधा को मजबूत बनाने के लिए पार्किंग क्षेत्रों में CCTV कैमरे, इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली और डिजिटल सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। इन डिस्प्ले बोर्डों पर पार्किंग शुल्क, उपलब्ध स्थानों की जानकारी और आपातकालीन संपर्क नंबर जैसी जरूरी सूचनाएं दिखाई जाएंगी। अधिकारियों का मानना है कि स्मार्ट पार्किंग परियोजना से यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा और अधिक लोगों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। यदि योजना तय समय पर लागू होती है, तो यह दिल्ली मेट्रो के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।