दिल्ली सरकार ने सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स के लिए नई SOP लागू की है। अब e-District पोर्टल पर सिंगल-विंडो ऑनलाइन लाइसेंस मिलेगा।
दिल्ली में सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स खोलने या उनका लाइसेंस रिन्यू कराने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं आसान होने जा रही है। दिल्ली सरकार ने लाइसेंसिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू कर दिया है। इसके तहत अब अलग-अलग विभागों से एनओसी (NOC) लेने की पुरानी व्यवस्था खत्म होगी और पूरी प्रक्रिया सिंगल-विंडो, पूरी तरह ऑनलाइन सिस्टम के जरिए होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस सुधार का मकसद कारोबारियों के लिए लाइसेंस प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों से कोई समझौता न हो।
Delhi Cinema Hall SOP: क्या बदला, अब कैसे मिलेगा लाइसेंस?
अब तक सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स संचालकों को फायर, पुलिस, नगर निकाय और अन्य संबंधित विभागों से अलग-अलग अनुमति लेनी पड़ती थी। हर विभाग के अलग आवेदन, निरीक्षण और समयसीमा होने के कारण पूरी प्रक्रिया लंबी और जटिल बन जाती थी। नई व्यवस्था में यह पूरी प्रक्रिया दिल्ली सरकार के e-District पोर्टल पर एक ही प्लेटफॉर्म से पूरी होगी। नई प्रणाली की प्रमुख बातें:
- e-District पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन
- सभी विभागों का समन्वित सिंगल-विंडो सिस्टम
- अलग-अलग निरीक्षण की जगह एक संयुक्त निरीक्षण
- तय समयसीमा में निर्णय
- एकीकृत मंजूरी या निर्णय की व्यवस्था
इस बदलाव से आवेदकों को कई कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
e-District पोर्टल से पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूरी लाइसेंस प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। आवेदन से लेकर निरीक्षण और अंतिम मंजूरी तक सभी चरण ऑनलाइन ट्रैक किए जा सकेंगे। इससे दो बड़े फायदे होंगे। पहला, प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। दूसरा, अनावश्यक देरी और विभागों के बीच समन्वय की समस्या कम होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक दिल्ली सरकार कारोबार करने की प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से लाइसेंसिंग सिस्टम अधिक सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा। साथ ही सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े सभी नियम पहले की तरह पूरी सख्ती से लागू रहेंगे।
कारोबारियों और निवेशकों को क्या होगा फायदा?
मनोरंजन उद्योग लंबे समय से लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग करता रहा है। मल्टीप्लेक्स और सिनेमा हॉल संचालकों का कहना था कि अलग-अलग विभागों से मंजूरी लेने में काफी समय और संसाधन खर्च होते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद संभावित लाभ:
- लाइसेंस मिलने में कम समय
- प्रशासनिक बोझ में कमी
- व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया आसान
- निवेश को बढ़ावा
- सरकारी सेवाओं में डिजिटल पारदर्शिता
Ease of Doing Business में दिल्ली का बड़ा कदम
यह सुधार केवल सिनेमा हॉल तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि दिल्ली सरकार के व्यापक Ease of Doing Business अभियान का हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य विभिन्न सेवाओं को डिजिटल बनाकर नागरिकों और उद्यमियों के लिए सरकारी प्रक्रियाओं को तेज और सरल बनाना है। नई SOP इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जहां सुविधा और सुरक्षा दोनों को साथ लेकर चलने की कोशिश की गई है।


