दिल्ली के धर्म मार्ग पर LG तरनजीत सिंह संधू ने डेंटल हेल्थ कैंप का उद्घाटन किया। AI आधारित जांच से शुरुआती पहचान और प्रिवेंटिव केयर पर जोर दिया गया।
नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को धर्म मार्ग में आयोजित एक डेंटल हेल्थ अवेयरनेस कैंप का उद्घाटन किया। कैंप में दांतों और मुंह से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की जांच के लिए पारंपरिक प्रक्रियाओं के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। खास तौर पर AI आधारित डायग्नोस्टिक समाधान लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। उपराज्यपाल ने कहा कि आज स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका फायदा बीमारी की जल्दी पहचान और समय रहते बचाव में भी मिलना चाहिए।
AI Dental Diagnostics: बीमारी की शुरुआती पहचान पर फोकस
कैंप में इस्तेमाल किए गए AI-संचालित डायग्नोस्टिक समाधान का उद्देश्य दांतों और ओरल हेल्थ से जुड़ी संभावित समस्याओं की शुरुआती पहचान में मदद करना है। ऐसे सिस्टम चिकित्सकीय जांच का विकल्प नहीं हैं, लेकिन स्क्रीनिंग और शुरुआती स्तर पर संदिग्ध मामलों को पहचानने में तकनीकी सहायता दे सकते हैं। संधू ने इसी दिशा में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर की जरूरत पर जोर दिया। उनका संदेश साफ था—बीमारी गंभीर रूप ले, उससे पहले उसकी पहचान हो और व्यक्ति समय पर डॉक्टर से सलाह ले।
दिल्ली में सरकारी स्तर पर भी कम्युनिटी डेंटल स्क्रीनिंग और ओरल हेल्थ जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम पहले से आयोजित किए जाते रहे हैं। मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज की जानकारी के अनुसार, विभिन्न इलाकों, स्कूलों और सामुदायिक संस्थानों में डेंटल स्क्रीनिंग कैंप और प्रिवेंटिव डेंटल केयर की गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
Swasth Bharat से Viksit Bharat तक स्वास्थ्य को तकनीक से जोड़ने की बात
उपराज्यपाल संधू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'Swasth Bharat' और 'Viksit Bharat' के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की बुनियाद है। उनके मुताबिक, एडवांस टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने में मदद कर सकता है।
यह बात ऐसे समय में भी महत्वपूर्ण है जब हेल्थकेयर में AI, डिजिटल डायग्नोस्टिक्स, स्क्रीनिंग और टेलीमेडिसिन जैसे तकनीकी विकल्पों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में कैंसर केयर पर एक कार्यक्रम में भी संधू ने शुरुआती पहचान, स्क्रीनिंग और AI जैसी तकनीकों की भूमिका पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि मेडिकल इनोवेशन का वास्तविक फायदा तभी है जब वह लोगों तक पहुंच सके और किफायती भी रहे।
केवल इलाज नहीं, बचाव पर भी ध्यान देने की जरूरत
डेंटल हेल्थ को लेकर आम तौर पर लोग समस्या बढ़ने के बाद डॉक्टर के पास पहुंचते हैं। ऐसे में जागरूकता कैंप का मकसद लोगों को नियमित जांच, ओरल हाइजीन और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने के लिए प्रेरित करना भी है। धर्म मार्ग का यह कैंप इसी व्यापक सोच का हिस्सा दिखाई देता है, जिसमें टेक्नोलॉजी + जागरूकता + शुरुआती जांच को एक साथ आगे बढ़ाने पर जोर है। संधू ने अपने संदेश में यह भी रेखांकित किया कि आधुनिक तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का माध्यम बन सकती है। इसका अंतिम लक्ष्य नागरिकों को बेहतर और आसानी से उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएं देना होना चाहिए।
दिल्ली के उपराज्यपाल के तौर पर संधू हाल के दिनों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और नागरिक-केंद्रित पहलों से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय रहे हैं। सितंबर में उन्होंने दिल्ली में स्वच्छता अभियान में भी हिस्सा लिया था और नागरिकों से अपने आसपास के इलाकों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी लेने की अपील की थी।


