दिल्ली में 100 अटल कैंटीन शुरू हो गई हैं। CM रेखा गुप्ता के मुताबिक रोज करीब 1 लाख लोगों को ₹5 में पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की अटल कैंटीन योजना ने अपने तय लक्ष्य का एक अहम पड़ाव पूरा कर लिया है। राजधानी में अब 100 अटल कैंटीन संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन कैंटीन के जरिए रोज करीब 1 लाख लोगों तक सस्ता, पौष्टिक और स्वच्छ भोजन पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार अंत्योदय की भावना को आगे बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, देखभाल और जरूरी सहयोग पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सेवा की इसी भावना के तहत अटल कैंटीन उन लोगों के लिए सुलभ भोजन उपलब्ध करा रही हैं, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
दिल्ली में 100 अटल कैंटीन, रोज करीब 1 लाख लोगों को भोजन
दिल्ली सरकार के मुताबिक, महज सात से आठ महीने में 100 अटल कैंटीन को ऑपरेशनल किया गया है। इन कैंटीन में जरूरतमंद लोगों को ₹5 में भोजन उपलब्ध कराया जाता है। सरकार का लक्ष्य रोज करीब 1 लाख लोगों तक भोजन पहुंचाने का है। अटल कैंटीन का नेटवर्क खास तौर पर मजदूरों, दिहाड़ी कामगारों, निर्माण श्रमिकों, झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों और कम आय वाले परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा अस्पतालों, बाजारों, मेट्रो स्टेशन और विश्वविद्यालय क्षेत्रों के आसपास भी कैंटीन शुरू की गई हैं, ताकि जरूरतमंद लोगों को भोजन के लिए ज्यादा दूर न जाना पड़े।
₹5 में पौष्टिक और स्वच्छ भोजन देने की व्यवस्था
अटल कैंटीन योजना के तहत भोजन की कीमत ₹5 रखी गई है। दिल्ली सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, सरकार प्रत्येक भोजन पर ₹25 की सब्सिडी देती है। योजना का उद्देश्य खास तौर पर कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक सस्ता और पौष्टिक भोजन पहुंचाना है। कैंटीन में सामान्य तौर पर दाल, चावल, रोटी और सब्जी जैसे भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। गुणवत्ता और पारदर्शिता के लिए डिजिटल टोकन, कंप्यूटरीकृत बिलिंग और CCTV निगरानी जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं।
CM रेखा गुप्ता ने बताया- सिर्फ सस्ता खाना देना उद्देश्य नहीं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अटल कैंटीन को केवल कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराने वाली योजना के तौर पर नहीं, बल्कि सम्मान और सुविधा से जुड़ी पहल के रूप में पेश किया है। उनका कहना है कि अंत्योदय का मतलब समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सहायता पहुंचाना है और अटल कैंटीन इसी सोच के साथ काम कर रही हैं। सरकार के अनुसार, इन कैंटीन का मकसद ऐसा भोजन उपलब्ध कराना है, जो सस्ता होने के साथ पौष्टिक और स्वच्छ भी हो। खासकर रोज कमाने-खाने वाले लोगों के लिए कम कीमत में भोजन की उपलब्धता उनके दैनिक खर्च को कम करने में मदद कर सकती है।
अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर हुई थी योजना की शुरुआत
अटल कैंटीन योजना की शुरुआत 25 दिसंबर 2025 को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर की गई थी। दिल्ली सरकार ने बजट 2025-26 में 100 अटल कैंटीन स्थापित करने का लक्ष्य रखा था और इसके लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान किया गया था। पहली अटल कैंटीन का उद्घाटन लाजपत नगर के नेहरू नगर में किया गया था। इसके बाद अलग-अलग चरणों में कैंटीन की संख्या बढ़ाई गई। अगस्त 2026 में 25 और कैंटीन शुरू होने के बाद राजधानी में इनकी कुल संख्या 100 हो गई।
साल में 3.65 करोड़ भोजन उपलब्ध कराने की क्षमता
100 अटल कैंटीन के पूरी तरह संचालित होने के बाद इनकी संयुक्त क्षमता करीब 3.65 करोड़ भोजन प्रतिवर्ष बताई गई है। सरकार के अनुसार, योजना शुरू होने के बाद करीब 95 लाख सब्सिडी वाले भोजन लोगों को उपलब्ध कराए जा चुके थे। दिल्ली सरकार ने यह भी कहा है कि विश्वविद्यालय क्षेत्र में शुरू की गई कैंटीन से हॉस्टल और PG में रहने वाले छात्रों को भी सस्ता भोजन उपलब्ध होगा। यानी योजना का दायरा सिर्फ मजदूरों या झुग्गी बस्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग जरूरतमंद समूहों तक इसे पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि अंत्योदय की भावना के साथ सरकार का प्रयास है कि जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन के साथ सम्मान और सुविधा भी मिले। 100 अटल कैंटीन का संचालन इसी दिशा में दिल्ली सरकार की एक प्रमुख जनकल्याणकारी पहल के तौर पर सामने आया है।


