दिल्ली के चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन इमारत गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। CM रेखा गुप्ता ने AE-JE को सस्पेंड कर ठेकेदार पर FIR के आदेश दिए।

दिल्ली के चावड़ी बाजार में गुरुवार सुबह एक निर्माणाधीन इमारत ढहने से बड़ा हादसा हो गया। पुरानी दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाके में हुए इस हादसे ने कई परिवारों को मुश्किल में डाल दिया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने न सिर्फ दुख जताया, बल्कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर बचाव और राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और बचाव दलों से बातचीत की और सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ तेजी से काम करने के निर्देश दिए। साथ ही, घायलों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद देने को कहा।

चावड़ी बाजार में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढही, दो की मौत

जानकारी के मुताबिक, हादसा गुरुवार सुबह करीब 9:50 बजे पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सितारा और शीश महल इलाके में हुआ। यहां तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था और मजदूर भी मौके पर मौजूद थे।

इमारत गिरने के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई। शुरुआती जानकारी में करीब 15 लोगों के फंसे होने की आशंका सामने आई थी। दमकल विभाग और अन्य एजेंसियों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। ताजा मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में दो लोगों की मौत हुई है और चार लोग घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी है।

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CM रेखा गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर लिया रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा

हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस घटना से वह बेहद दुखी हैं और प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके बाद मुख्यमंत्री खुद चावड़ी बाजार पहुंचीं और घटनास्थल पर चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों से बातचीत कर अभियान की स्थिति की जानकारी ली।

रेखा गुप्ता ने सभी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बचाव कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। घायलों को जल्द से जल्द उचित चिकित्सा सुविधा मिले और हादसे से प्रभावित परिवारों को तत्काल जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार इस मुश्किल घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव मदद दी जाएगी।

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AE और JE सस्पेंड, ठेकेदार के खिलाफ FIR के आदेश

चावड़ी बाजार हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासनिक स्तर पर भी सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने संबंधित क्षेत्र के असिस्टेंट इंजीनियर (AE) और जूनियर इंजीनियर (JE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद नगर निगम दिल्ली (MCD) ने संबंधित AE और JE को निलंबित कर दिया। निगम के आदेश में प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही की बात कही गई है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ आगे की जांच भी की जाएगी।

पुलिस के मुताबिक, इमारत का निर्माण कथित तौर पर अवैध तरीके से किया जा रहा था। निर्माण कार्य को लेकर पहले भी नगर निगम को जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में अब जांच का एक अहम पहलू यह भी होगा कि निर्माण कार्य पर समय रहते रोक क्यों नहीं लगाई गई और संबंधित विभागों की ओर से क्या कार्रवाई की गई थी।

मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटी MCD, NDRF और दमकल की टीमें

हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान में कई सरकारी एजेंसियों को लगाया गया है। दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), दिल्ली अग्निशमन सेवा और दिल्ली पुलिस की टीमें मौके पर काम कर रही हैं। दमकल विभाग की छह यूनिट को बचाव अभियान में लगाया गया। शुरुआत में दमकल की गाड़ियां, वाटर बाउजर, क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल और अन्य राहत संसाधन घटनास्थल पर भेजे गए। इसके बाद अतिरिक्त टीमों को भी तैनात किया गया।

हालांकि, पुरानी दिल्ली की संकरी गलियों के कारण राहत कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। जिस गली में इमारत गिरी, वहां रास्ता बेहद संकरा है। आसपास की इमारतों से सटी हुई निर्माणाधीन संरचना गिरने के कारण मलबा एक जगह जमा हो गया। भारी मशीनों को घटनास्थल तक पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में बचाव दल सावधानी के साथ मलबा हटाकर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

आसपास की इमारतें भी खाली कराई गईं, अवैध निर्माण पर उठे सवाल

हादसे के बाद आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। पुलिस के मुताबिक, निर्माणाधीन इमारत के गिरने से आसपास की कुछ इमारतों की संरचना भी कमजोर हुई है और उनमें दरारें आने की सूचना मिली है। एहतियात के तौर पर आसपास के भवनों को खाली कराया गया है, ताकि किसी अन्य अप्रिय घटना को रोका जा सके।

इस घटना ने दिल्ली के पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों में अवैध निर्माण तथा भवन सुरक्षा से जुड़े सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। खासकर चावड़ी बाजार जैसे व्यस्त व्यावसायिक इलाके में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है, यह हादसा एक बार फिर इसकी याद दिलाता है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने 15 जून को ही संबंधित इमारत में कथित अनधिकृत निर्माण को लेकर MCD को सूचना दी थी। अब यह जांच का विषय है कि सूचना मिलने के बाद संबंधित विभाग ने क्या कदम उठाए और निर्माण कार्य जारी कैसे रहा।

हादसे की जांच से तय होगी जिम्मेदारी, प्रभावित परिवारों को मदद का भरोसा

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। वहीं, हादसे के कारणों की जांच में निर्माण की अनुमति, भवन की संरचनात्मक स्थिति, इस्तेमाल की गई सामग्री और संबंधित अधिकारियों की भूमिका जैसे पहलुओं को देखा जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया है कि नागरिकों की सुरक्षा और उनका कल्याण दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है।

चावड़ी बाजार का यह हादसा सिर्फ एक इमारत के ढहने की घटना नहीं है। यह सवाल भी छोड़ गया है कि राजधानी के पुराने इलाकों में निर्माण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने और समय रहते अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार था।