दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब के सीएम भगवंत मान पर पराली जलाने को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। सिरसा ने कहा कि पंजाब सरकार के ही आंकड़ों के मुताबिक 77 फीसदी पराली जल चुकी है, जिससे दिल्ली की हवा जहरीली हो गई है।
नई दिल्ली। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के दावों की पोल खोल दी। सिरसा ने आरोप लगाया कि मान ने धान की कटाई और पराली जलाने को लेकर गलत जानकारी दी है। उन्होंने साफ कहा कि पराली जलाने की वजह से राष्ट्रीय राजधानी की हवा बहुत ज्यादा खराब हो गई है। शास्त्री पार्क स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) में मीडिया से बात करते हुए सिरसा ने भगवंत मान पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि खुद पंजाब सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 77 फीसदी पराली पहले ही जलाई जा चुकी है। सिरसा ने कहा,
कल भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके झूठ बोला कि धान की कटाई अभी शुरू नहीं हुई है। जबकि उनकी ही सरकार के डेटा के अनुसार 77 प्रतिशत पराली जल चुकी है।
उन्होंने बताया कि कैसे सिर्फ चार दिनों में दिल्ली की हवा का स्तर गिर गया। सिरसा के मुताबिक, 30 अक्टूबर को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 60 था, जो 4 नवंबर तक बढ़कर 377 हो गया। उन्होंने कहा,
30 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 60 था, 31 अक्टूबर को यह 117 हुआ और 4 नवंबर तक 377 पर पहुंच गया। आखिर इन चार दिनों में ऐसा क्या हुआ कि हवा में इतना भयंकर प्रदूषण फैल गया? दिल्ली के लोगों ने साल भर हवा को साफ रखने की मेहनत की थी। जब दिल्ली की हवा साफ थी, तब पंजाब में पराली जलना शुरू नहीं हुआ था। 2 नवंबर को आग लगने की 92 घटनाएं सामने आई थीं, जो 3 नवंबर तक बढ़कर 484 हो गईं। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है, जो पिछले दो सालों के आंकड़ों से दोगुना है।
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए सिरसा ने बताया कि 2,196 जगहों पर आग लगने की पहचान हुई है और 494 एफआईआर दर्ज की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन के फेल होने पर अधिकारियों की बजाय सिर्फ किसानों पर कार्रवाई की जा रही है। सिरसा ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर पर्यावरण के मुद्दे पर राजनीति करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रवक्ता रीना गुप्ता को PPCB का चेयरपर्सन बना दिया गया है, जबकि उनके पास प्रशासन या पर्यावरण का कोई अनुभव नहीं है। उन्होंने कहा,
ये मेरे आंकड़े नहीं हैं, ये पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के हैं। अरविंद केजरीवाल ने अपनी रिश्तेदार और AAP प्रवक्ता रीना गुप्ता को इस बोर्ड का चेयरपर्सन बना दिया है। वह न तो पंजाब से हैं, न ही कोई आईएएस अधिकारी या पर्यावरणविद् हैं। उन्हें सिर्फ PPCB को राजनीति का अखाड़ा बनाने के लिए वहां बिठाया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, 494 एफआईआर दर्ज हुई हैं और 2,196 जगहों पर आग लगाई गई है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड खुद मानता है कि अधिकारियों के खिलाफ कोई चार्जशीट दाखिल नहीं हो रही है, बल्कि सिर्फ किसानों पर केस दर्ज किए जा रहे हैं।
सिरसा ने यह भी बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बठिंडा, फाजिल्का, जालंधर और बरनाला के डिप्टी कमिश्नरों को आग लगने की घटनाओं को छिपाने के लिए नोटिस भेजा है। उन्होंने कहा,
मोदी सरकार ने 'हैप्पी सीडर' और खेती की दूसरी मशीनों के लिए पंजाब सरकार को 5,000 करोड़ रुपये दिए थे। पंजाब सरकार ने इन पैसों का गबन कर लिया और अब किसानों पर केस दर्ज कर रही है। 4 नवंबर को CAQM ने बठिंडा, फाजिल्का, जालंधर और बरनाला के डीसी से कहा कि वे डेटा छिपा रहे हैं। उनके जिलों में आग लग रही है और वे इसे रोक नहीं पा रहे हैं। तो फिर उन्हें जिम्मेदार क्यों न ठहराया जाए? अगर सच में आग नहीं लग रही है, तो पंजाब सरकार ये आंकड़े कहां से दे रही है?






