दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने सोलर नीति का विस्तार बताया। 3 किलोवाट तक मुफ्त इंस्टॉलेशन और रूफटॉप सोलर सिस्टम पर 1.56 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी।

दिल्ली में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और लोगों को बिजली के भारी-भरकम बिल से राहत दिलाने के लिए सरकार ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी की हर छत को स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत बनाना है। इसके लिए सरकार 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम मुफ्त लगवा रही है। वहीं, इससे अधिक क्षमता वाले सोलर सिस्टम लगाने पर भी 1.56 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो (Bharat Renewable Energy Summit & Expo) के सोलर प्लेनरी सत्र में दिल्ली की सौर ऊर्जा नीति और स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार को लेकर अपने विचार रखे। यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया गया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की गरिमामयी मौजूदगी भी रही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है। दिल्ली सरकार भी इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए आम परिवारों तक सौर ऊर्जा का लाभ पहुंचाने पर काम कर रही है।

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Delhi Solar Policy: 3 किलोवाट तक रूफटॉप सोलर सिस्टम मुफ्त लगाने की योजना

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने को प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम की मुफ्त स्थापना की जा रही है। वहीं, अधिक क्षमता वाले सिस्टम लगाने की योजना बनाने वाले उपभोक्ताओं को भी राहत देने के लिए 1.56 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

इस पहल का मकसद सिर्फ सोलर पैनल लगवाना नहीं, बल्कि दिल्ली के ज्यादा से ज्यादा परिवारों को बिजली उत्पादन में भागीदार बनाना है। घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगने से उपभोक्ता अपनी जरूरत की बिजली खुद पैदा कर सकेंगे। इससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने और लंबे समय में बिजली खर्च घटाने में मदद मिल सकती है।

PM Surya Ghar Yojana: प्रधानमंत्री की योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत यह योजना देश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रही है। इस योजना का उद्देश्य घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत देना है। इसके जरिए परिवार अपनी बिजली की जरूरत का एक हिस्सा खुद पूरा कर सकते हैं। सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ने से परंपरागत ऊर्जा स्रोतों पर दबाव कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार की पहल को इसी राष्ट्रीय अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। राजधानी में रूफटॉप सोलर सिस्टम का दायरा बढ़ने से न सिर्फ परिवारों को आर्थिक राहत मिल सकती है, बल्कि शहर की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।

Delhi Government Solar Scheme: 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वालों को मिलेगा फायदा

दिल्ली सरकार की इस पहल का एक अहम पहलू यह है कि इसका फायदा आम घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की तैयारी है। सितंबर 2026 में दिल्ली सरकार ने संशोधित सोलर नीति के तहत हर महीने 400 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले परिवारों के लिए 3 किलोवाट तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना शुरुआती खर्च के लगाने की व्यवस्था घोषित की थी।

सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक करीब 2.30 लाख परिवारों के घरों पर सोलर सिस्टम लगाना और इसके जरिए 500 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ना है। इस योजना में केंद्र और दिल्ली सरकार की सब्सिडी को मिलाकर अधिकतम 1.56 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। यानी जिन परिवारों के लिए सोलर पैनल लगवाने का शुरुआती खर्च बड़ी बाधा था, उन्हें अब राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मुफ्त इंस्टॉलेशन और सब्सिडी का लाभ पात्रता, सिस्टम की क्षमता और योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार मिलेगा।

Delhi Solar Energy Policy: सोलर बिजली से बिल में बचत और अतिरिक्त कमाई का मौका

दिल्ली की सोलर नीति का उद्देश्य केवल घरों पर सोलर पैनल लगाना नहीं है। इसके जरिए बिजली उपभोक्ताओं को लंबे समय तक आर्थिक फायदा पहुंचाने की भी कोशिश की जा रही है। दिल्ली सरकार की सोलर नीति में जनरेशन बेस्ड इंसेंटिव (GBI) का भी प्रावधान है। इसके तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम से पैदा होने वाली बिजली पर 3 रुपये प्रति यूनिट और 3 से 10 किलोवाट क्षमता वाले सिस्टम पर 2 रुपये प्रति यूनिट का मासिक प्रोत्साहन मिल सकता है। इसके अलावा ग्रुप हाउसिंग सोसायटी और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के लिए भी अलग प्रावधान हैं।

नीति में कम छत वाली जगह या शुरुआती निवेश की समस्या से जूझ रहे उपभोक्ताओं के लिए कम्युनिटी सोलर, ग्रुप नेट मीटरिंग और RESCO जैसे विकल्प भी शामिल हैं। इससे उन लोगों को भी सौर ऊर्जा से जुड़ने का अवसर मिल सकता है, जिनके पास अपनी छत पर पैनल लगाने की पर्याप्त जगह या संसाधन नहीं हैं।

Bharat Renewable Energy Summit: दिल्ली को सोलर एनर्जी का मॉडल बनाने का लक्ष्य

भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो के मंच से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक उदाहरण बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि राजधानी की हर छत ऊर्जा उत्पादन का माध्यम बने और हर परिवार को बिजली के बिल में राहत मिले।

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ-साथ लोगों की भागीदारी भी जरूरी होगी। रूफटॉप सोलर सिस्टम का विस्तार होने से बिजली की पारंपरिक आपूर्ति पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की मौजूदगी का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में चल रहे स्वच्छ ऊर्जा अभियान को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। दिल्ली सरकार की कोशिश है कि सौर ऊर्जा को केवल एक सरकारी योजना तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरत और भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाए।