दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने Worker Nutrition Dialogue में महिला श्रमिकों से संवाद कर पोषण किट बांटी और क्रेच, अटल कैंटीन, दिल्ली लक्ष्मी योजना व पिंक सहेली कार्ड का जिक्र किया।

नई दिल्ली। दिल्ली की महिला श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। दिल्ली महिला आयोग की ओर से आयोजित ‘श्रमिक पोषण संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने निर्माण क्षेत्र से जुड़ी महिला श्रमिकों के साथ संवाद किया और उन्हें पोषण किट वितरित कीं।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता और महिला आयोग के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला श्रमिकों से उनकी चुनौतियों, जरूरतों और कामकाजी जीवन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की।

महिला श्रमिकों के पोषण पर फोकस- CM रेखा गुप्ता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के निर्माण में महिला श्रमिकों की मेहनत और योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इन महिला कर्मियों की मेहनत, सेवा भावना और समर्पण को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ‘श्रमिक पोषण संवाद’ का फोकस केवल पोषण किट बांटने तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम के जरिए कामकाजी महिलाओं की रोजमर्रा की जरूरतों और उनके परिवारों की भलाई को लेकर भी संवाद हुआ। महिला श्रमिकों के लिए पोषण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, क्योंकि काम की कठिन परिस्थितियों के बीच उनके स्वास्थ्य का सीधा असर उनके परिवार और कामकाजी क्षमता पर भी पड़ता है।

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CM Rekha Gupta ने गिनाईं महिला श्रमिकों के लिए सरकारी योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार महिला श्रमिकों की जिंदगी को आसान बनाने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है। इनमें क्रेच सुविधा, अटल कैंटीन, दिल्ली लक्ष्मी योजना और पिंक सहेली कार्ड जैसी पहल शामिल हैं। क्रेच जैसी सुविधाओं का महत्व उन महिला श्रमिकों के लिए खास है जो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी के साथ काम करती हैं। वहीं, सस्ती और सुलभ भोजन व्यवस्था से श्रमिक परिवारों पर रोजमर्रा के खर्च का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। सरकार की ओर से महिला-केंद्रित योजनाओं का उद्देश्य सिर्फ तत्काल सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भी काम करना है।

Pink Saheli Card और महिला श्रमिकों के लिए सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने पिंक सहेली कार्ड जैसी पहल का भी उल्लेख किया। महिला श्रमिकों के लिए ऐसी सुविधाएं उनके रोजमर्रा के आवागमन और अन्य आवश्यकताओं को आसान बनाने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही हैं। सरकार का कहना है कि महिला श्रमिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को जमीन पर प्रभावीढंग से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है। खासकर निर्माण क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा, बच्चों की देखभाल, पोषण और परिवार की आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दे आपस में जुड़े हुए हैं।

दिल्ली के निर्माण में महिला श्रमिकों की अहम भूमिका

दिल्ली में निर्माण कार्यों से लेकर शहर के विस्तार तक श्रमिक वर्ग की बड़ी भूमिका रही है। इसमें महिला श्रमिक भी लगातार योगदान देती रही हैं। बावजूद इसके, कामकाजी महिलाओं के सामने रोजगार के साथ-साथ बच्चों की देखभाल, पोषण, स्वास्थ्य और परिवार की जिम्मेदारियां भी रहती हैं। इसी वजह से महिला श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को केवल सहायता कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि उनके जीवन को थोड़ा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा सकता है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार महिला श्रमिकों और उनके परिवारों की प्रगति तथा कल्याण के लिए उनके साथ हर कदम पर खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला श्रमिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार सुविधाओं को लगातार आगे बढ़ाने का काम कर रही है।

Delhi Commission for Women के आयोजन की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की सराहना

CM रेखा गुप्ता ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए दिल्ली महिला आयोग को बधाई दी। उन्होंने इसे महिला श्रमिकों से सीधे संवाद और उनकी जरूरतों को समझने की दिशा में सार्थक पहल बताया। कार्यक्रम में महिला आयोग के पदाधिकारियों और सदस्यों की मौजूदगी ने भी इसे महिला कल्याण से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित मंच बनाया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, महिला श्रमिकों की आवाज और उनकी जरूरतों को नीति और कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना जरूरी है।

‘श्रमिक पोषण संवाद’ के जरिए दिल्ली में महिला श्रमिकों के पोषण, बच्चों की देखभाल, सामाजिक सुरक्षा और परिवार के कल्याण से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। सरकार की ओर से जिन योजनाओं का जिक्र किया गया, उनका लक्ष्य कामकाजी महिलाओं के लिए रोजमर्रा की चुनौतियों को कम करना और उनके परिवारों के जीवन को बेहतर बनाना है।