दिल्ली की श्री केशव रामलीला कमेटी इस बार दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ 30 फुट के कॉकरोच का पुतला भी जलाएगी। इसका मकसद समाज को साफ-सफाई का संदेश देना है।

नई दिल्ली। इस बार दशहरे पर दिल्ली की श्री केशव रामलीला कमेटी कुछ अलग करने जा रही है। साफ-सफाई का संदेश देने के लिए कमेटी रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पारंपरिक पुतलों के साथ एक 30 फुट के कॉकरोच का पुतला भी जलाएगी। पुतले बनाने वाले कारीगर शाहवेज खान ने बताया कि उनका परिवार परदादा के समय से ही पुतले बनाता आ रहा है। उन्होंने ANI को बताया,

हम रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाते हैं। इस साल हमने एक नया पुतला जोड़ा है, जो कॉकरोच का है।

शाहवेज के मुताबिक, रावण और बाकी पारंपरिक पुतले बनाने में पूरा एक महीना लगता है, जबकि इस कॉकरोच को तैयार करने में करीब 3 से 4 दिन का समय लगता है। श्री केशव रामलीला कमेटी के अध्यक्ष और मॉडल टाउन के विधायक अशोक गोयल देवराहा ने इस अनोखे पुतले की वजह बताई। उन्होंने कहा कि घरों, मोहल्लों और समाज से 'गंदगी खत्म करने की जरूरत' पर जोर देने के लिए यह फैसला लिया गया है। गुरुवार को ANI से बात करते हुए देवराहा ने कहा,

पूरे देश में विजयादशमी का त्योहार बड़े जोश के साथ मनाया जाता है। यह बुराई पर अच्छाई, झूठ पर सच और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। हम हजारों सालों से रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाते आ रहे हैं। यह हमें संदेश देता है कि अंत में हमेशा सच की ही जीत होती है।

कमेटी के इस नए पुतले वाले फैसले पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि देश की समस्याओं को दिखाने के लिए एक अतिरिक्त पुतला जलाने की परंपरा पहले भी रही है। उन्होंने कहा,

इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए, हमने पहले भी देश की कई बीमारियों जैसे नक्सलवाद या आतंकवाद के पुतले जलाए हैं। इस साल हमारी कमेटी ने पीतमपुरा के नेताजी सुभाष प्लेस (NSP) स्थित केशव रामलीला मैदान में गंदगी के प्रतीक के रूप में कॉकरोच का पुतला जलाने का फैसला किया है। हमारा लक्ष्य तीन जगहों- अपने घरों, आस-पड़ोस और पूरे समाज से गंदगी को मिटाना है।

देवराहा ने बताया कि यह पुतला पीतमपुरा में कमेटी के मैदान में जलाया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह 30 फुट ऊंचा पुतला होगा, जो बिल्कुल कॉकरोच जैसा दिखेगा। यह नजारा देखने लायक होगा!” जब उनसे पूछा गया कि गंदगी दिखाने के लिए कॉकरोच को ही क्यों चुना गया, तो उन्होंने कहा कि इसका मकसद देश और समाज को गंदगी से मुक्त करने की जरूरत की तरफ ध्यान खींचना है। उन्होंने कहा, "देखिए, गंदगी चाहे किसी भी रूप में हो, हमारे देश, समाज और मोहल्लों को इससे मुक्त होना ही चाहिए। यही हमारे फैसले की मुख्य वजह है।"

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है। इस पार्टी ने इससे पहले जून और जुलाई में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ भी प्रदर्शन किया था। अब यह पार्टी मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।