दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में हुए 'वर्ल्ड सेफ्टी 2026' सम्मेलन में दिल्ली परिवहन विभाग के 'हेलमेट वियरिंग-कंसीक्वेंसेस' अभियान को अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला है। यह अवार्ड 'अल्ट्रा शॉर्ट वीडियो' कैटेगरी में दिया गया।
नई दिल्ली। दिल्ली परिवहन विभाग ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में आयोजित 'वर्ल्ड सेफ्टी 2026' सम्मेलन में विभाग के सड़क सुरक्षा अभियान 'हेलमेट वियरिंग-कंसीक्वेंसेस' (Helmet Wearing-Consequences) को 'ऑनरेबल मेंशन' (Honorable Mention) से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान सम्मेलन के दौरान 'इंटरनेशनल सेफ्टी मीडिया अवार्ड्स' में 'अल्ट्रा शॉर्ट वीडियो' कैटेगरी के तहत दिया गया। आपको बता दें कि इस अभियान की शुरुआत अगस्त 2025 में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की थी। इस मौके पर परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह और कई अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद थे।
इस अभियान का मुख्य मकसद टू-व्हीलर चलाने वालों और पीछे बैठने वाली सवारियों को हेलमेट पहनने की अहमियत समझाना था। साथ ही, बिना हेलमेट या गलत तरीके से हेलमेट पहनने के खतरनाक नतीजों के बारे में भी जागरूक किया गया। दिल्ली परिवहन विभाग का कहना है कि इस पहल के जरिए लोगों तक यह संदेश पहुंचाना था कि हेलमेट पहनना सिर्फ ट्रैफिक नियमों का पालन करना नहीं है, बल्कि यह आपकी और आपके पीछे बैठे इंसान की जान बचाने का सबसे जरूरी तरीका है।
'इंटरनेशनल सेफ्टी मीडिया अवार्ड्स' दुनिया भर में चलाए जाने वाले बेहतरीन सुरक्षा अभियानों को पहचान दिलाता है। इसमें एक्सीडेंट रोकने वाले एक्सपर्ट्स और मीडिया के दिग्गजों की एक अंतरराष्ट्रीय जूरी होती है। यह जूरी वीडियो की क्वालिटी, संदेश की स्पष्टता, नयापन, क्रिएटिविटी और उसके असर के आधार पर विजेताओं को चुनती है।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान पर खुशी जताते हुए दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यह अवार्ड सड़क सुरक्षा और जन जागरूकता को लेकर सरकार की लगातार की जा रही कोशिशों का नतीजा है। उन्होंने कहा कि 'हेलमेट वियरिंग-कंसीक्वेंसेस' जैसे अभियान लोगों को सड़क पर जिम्मेदारी से चलने की याद दिलाते हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि इस ग्लोबल पहचान से दिल्ली में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने और लोगों को जिम्मेदार बनाने की मुहिम को और ताकत मिलेगी।
इससे पहले, शुक्रवार को तालकटोरा स्टेडियम में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत एक खास सम्मान और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उनकी उपलब्धियों को समर्पित था। इसका मकसद दिव्यांगजनों की काबलियत को समाज के सामने लाना और उन्हें समान अवसर, सम्मान और सहयोग दिलाने के लिए लोगों को जागरूक करना था।


