दिल्ली की 27 अनधिकृत कॉलोनियों में ₹214.12 करोड़ के 53 विकास कार्य शुरू होंगे। सड़क, गली और ड्रेनेज नेटवर्क के इन प्रोजेक्ट से करीब 1.75 लाख लोगों को फायदा मिलेगा।
दिल्ली की उन बस्तियों तक विकास पहुंचाने की तैयारी तेज हो गई है, जहां सड़क, नाली और जल निकासी जैसी सुविधाएं लंबे समय से बड़ी चुनौती रही हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को किराड़ी, बवाना, मुंडका, नरेला और नांगलोई जाट की अनधिकृत कॉलोनियों में ₹214.12 करोड़ की 53 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
27 कॉलोनियों में होंगे 53 विकास कार्य
दिल्ली सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं से करीब 1.75 लाख लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। कुल 27 अनधिकृत कॉलोनियों में 1,062 सड़कों और गलियों का विकास किया जाएगा। परियोजनाओं में करीब 89.82 किलोमीटर सड़क और 147.69 किलोमीटर ड्रेनेज नेटवर्क शामिल है।
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किराड़ी में सबसे बड़ा बजट
कुल परियोजनाओं में सबसे बड़ा हिस्सा किराड़ी को मिला है। यहां 14 अनधिकृत कॉलोनियों में ₹105.51 करोड़ की लागत से 27 काम होंगे। इसके तहत 640 सड़कों और गलियों का विकास, 50.71 किलोमीटर सड़क तथा 101.42 किलोमीटर ड्रेनेज नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
बवाना से नांगलोई तक कितना काम?
बवाना में ₹38.83 करोड़ के 9, मुंडका में ₹22.05 करोड़ के 5, नरेला में ₹14.48 करोड़ के 4 और नांगलोई जाट में ₹33.25 करोड़ के 8 विकास कार्य किए जाएंगे। सरकार के मुताबिक इनका उद्देश्य सड़क और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करना है।
हर गली तक विकास पहुंचाने का दावा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सड़क, नाली, सीवेज और ड्रेनेज जैसी सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं। PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने भी कहा कि विकास को मुख्य सड़कों से आगे बढ़ाकर अनधिकृत कॉलोनियों की गलियों तक ले जाना सरकार की प्राथमिकता है।
सरकार ने बताई आगे की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार योजनाओं को सिर्फ घोषणाओं तक सीमित रखने के बजाय समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने पर जोर दे रही है। समाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने भी कहा कि विकास कार्यों और बजट में विधानसभा क्षेत्र के विधायक की पार्टी के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा।
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