एशियन गेम्स 2026 की गोल्ड मेडलिस्ट और भारतीय बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने दिल्ली पुलिस के महिला सुरक्षा अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने राजौरी गार्डन इलाके में महिला पुलिसकर्मियों के साथ पैदल गश्त की और महिलाओं में निडर होकर घूमने का आत्मविश्वास जगाने पर जोर दिया।

नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन सोमवार को एक नए अंदाज में नजर आईं। उन्होंने दिल्ली पुलिस के महिला सुरक्षा अभियान में हिस्सा लिया। इस दौरान लवलीना ने राजौरी गार्डन मार्केट इलाके में महिला पुलिसकर्मियों के साथ पैदल गश्त (फुट पेट्रोलिंग) की। इस पहल का हिस्सा बनने के बाद लवलीना ने ANI से बात की। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने और उनमें बिना डरे कहीं भी आने-जाने का आत्मविश्वास जगाने की जरूरत पर जोर दिया। लवलीना ने कहा,

मुझे लगता है कि दिल्ली पुलिस की यह एक बहुत बड़ी पहल है। वे महिलाओं की सुरक्षा पर काम कर रहे हैं और गश्त कर रहे हैं। इसका हिस्सा बनकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। देश के लिए मेडल लाना एक बात है, लेकिन हाल ही में एशियन गेम्स में महिलाओं ने जो नतीजे हासिल किए हैं, वे वाकई बहुत मायने रखते हैं। इससे बहुत सी महिलाओं को प्रेरणा मिली है। यह हमारे अंदर एक भरोसा जगाता है कि हम अपने डर पर जीत हासिल कर सकते हैं। जब हम महिला सुरक्षा को सिर्फ एक नजरिए से नहीं, बल्कि हर एंगल से देखते हैं, तो इसका आगे चलकर बहुत पॉजिटिव असर होता है। महिलाएं पूरी आजादी और भरोसे के साथ बाहर घूमना चाहती हैं, इसलिए यह एक बहुत बड़ा कदम है। एक महिला खिलाड़ी के तौर पर मुझे लगता है कि अपने देश के बारे में सोचना और महिला सशक्तिकरण के लिए काम करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

आपको बता दें कि लवलीना ने 2 अक्टूबर को अपना 29वां जन्मदिन बेहद खास अंदाज में मनाया था। इसी दिन उन्होंने एशियन गेम्स 2026 के महिलाओं के 75 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया था। इस जीत के साथ ही उन्होंने इस कैटेगरी में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। गोल्ड मेडल के इस मुकाबले में लवलीना ने बहुत ही सूझबूझ भरा खेल दिखाया। चीनी बॉक्सर बाओ काफी आक्रामक थीं, लेकिन लवलीना ने अपने काउंटर-पंचिंग का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।

मैच की शुरुआत में चीनी बॉक्सर ने फ्रंट फुट पर खेलते हुए कई पंच मारे। लेकिन लवलीना ने जल्दबाजी नहीं की और सही मौके का इंतजार करते हुए शानदार काउंटर अटैक किए। उन्होंने पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया। दूसरे राउंड में भी बाओ ने दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन लवलीना का आत्मविश्वास बढ़ चुका था। उन्होंने बिल्कुल सटीक पंच लगाए और यह राउंड 4-1 से जीत लिया। जजों के स्कोरकार्ड पर अब वह 2-0 से आगे थीं।

गोल्ड मेडल अब बस एक कदम दूर था। तीसरे राउंड में लवलीना ने अपनी रणनीति बनाए रखी। उन्होंने बाओ को आगे आने दिया, खुद को बड़े नुकसान से बचाया और मौका मिलते ही पलटवार किया। भारतीय बॉक्सर ने यह राउंड सर्वसम्मति से जीता और 5-0 की शानदार जीत के साथ एशियन गेम्स का खिताब अपने नाम कर लिया।