एक अमेरिकी महिला ने अपने जुड़वां बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ते बुरे असर के कारण दिल्ली छोड़ दी। खराब हवा की वजह से उन्होंने बेंगलुरु में बसने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि हर कोई शहर नहीं छोड़ सकता, इसलिए वायु गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है।

बेंगलुरु. भारत में रह रही एक अमेरिकी महिला बता रही हैं कि दिल्ली बहुत पसंद होने के बावजूद उन्होंने इसे छोड़कर बेंगलुरु में बसने का फैसला क्यों किया। महिला का कहना है कि उन्हें दिल्ली पसंद थी, लेकिन खराब हवा की वजह से उनके जुड़वां बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा था, इसलिए उन्होंने दिल्ली छोड़ दी। वह बताती हैं कि प्रदूषण के कारण उन्हें अमेरिका वापस जाना पड़ा था। लेकिन, बाद में वह फिर भारत लौट आईं और बेंगलुरु में रहने लगीं।

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डाना मैरी कहती हैं, 'मैं अपने जुड़वां बच्चों के साथ तीन साल तक दिल्ली में रही। कभी-कभी यह अच्छा लगता था, लेकिन बाकी समय यह जानलेवा था। मुझे यह शहर पसंद था। 70 फीसदी समय यह अच्छा था, लेकिन बाकी 30 फीसदी समय, खासकर सर्दियों में, यह जहरीला और खतरनाक हो जाता था।'

लेकिन, भारत के कुछ दूसरे शहरों में यह दिक्कत नहीं थी। इसलिए वह फिर से भारत लौट आईं। डाना बताती हैं कि इस बार वह बेंगलुरु आकर बस गईं। डाना यह भी कहती हैं कि दिल्ली की इस खराब हवा को लेकर कुछ करने की जरूरत है। वह कहती हैं, 'हर किसी के पास शहर छोड़कर कहीं और जाने की सहूलियत नहीं होती। कुछ लोग तो इस बारे में सोच भी नहीं सकते। इसलिए हवा की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए कुछ करना होगा। हमारे बच्चों को इसकी कीमत चुकाने की जरूरत नहीं है।'

इसी तरह, कई लोग दिल्ली की हवा की क्वालिटी पर चिंता जताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हैं। डाना की पोस्ट ने भी एक नई बहस छेड़ दी है। कई लोगों ने राय दी है कि दिल्ली की इस हालत का कोई समाधान निकालना ही होगा।