उत्तराखंड के देहरादून में एक गर्भवती महिला को समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण सड़क किनारे एक दुकान में बच्ची को जन्म देना पड़ा। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े करती है।

दुकान में बच्चे का जन्म। उत्तराखंड के देहरादून से एक हैरान करने वाला वाकया देखने को मिला। जहां एक गर्भवती महिला को समय पर इलाज नहीं मिल सका। इसकी वजह से उसे सड़क के किनारे स्थित एक दुकान के गैलरी में ही बच्चे को जन्म देना पड़ गया। ये घटना उस वक्त हुई, पीड़िता को यमुनोत्री धाम से लगे राना चट्टी में मौजूद ANM सेंटर में ले जाया गया, लेकिन जगह नहीं मिली। इस तरह का मामला काफी चिंता विषय है, जो सरकार की उन सारे दावों की पोल खोल रहा है, जिसको लेकर बड़ी-बड़ी बातें की जाती है।

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रिपोर्ट के मुताबिक प्रसव पीड़ा उठने के बाद महिला को हॉस्पिटल ले जाया गया। हालांकि, पहली बार जगह न मिलने पर परिजनों ने आनन-फानन में बड़कोट लेकर जाने लगे। तभी रास्ते में तकलीफ बढ़ गई। इसके बाद दुकान में बैठाया गया। जहां एक खूबसूरत बेटी को जन्म दिया। मामले पर सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश चौहान ने कहा-"बच्ची के जन्म के वक्त आस-पास के लोग आए। जच्चा-बच्चा ठीक है। उन्होंने हेल्प लाइन नंबर 108 पर कॉल किया, जिसके मदद से बड़कोट भेज दिया गया।" हालांकि, लोगों ने इस तरह के हेल्थ सिस्टम को लेकर पैदा हुए दयनीय स्थिति पर चिंता जाहिर की।

पहले भी हुआ बीच सड़क पर बच्चे का जन्म

ये पहली बार नहीं है, जब किसी गर्भवती महिला ने चिकित्सा और यातायात सुविधा के अभाव में बीच रास्ते में ही बच्चे को जन्म दिया है। इससे पहले 2022 में ग्राम पंचायत हल्द्वाड़ी के गंधकपानी में संगीता देवी नाम की औरत ने कुछ किलोमीटर चलने के बाद तेज प्रसव पीड़ा उठने के बाद सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया था। हैरानी की बात ये है कि ये इलाका राजधानी देहरादून से मात्र केवल 15 किलोमीटर है। लेकिन बरसता के वक्त में पानी भर जाने से आने-जाने में दिक्कत होती है।

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