गुजरात गौरव दिवस 2026 पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का बड़ा संदेश। जानिए कैसे गुजरात बना विकास का मॉडल, कम बेरोजगारी वाला राज्य और 2047 तक विकसित भारत में निभाएगा अहम भूमिका। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
जब किसी राज्य की पहचान उसके भूगोल से आगे बढ़कर उसके विकास मॉडल से बनने लगे, तो वह सिर्फ एक प्रदेश नहीं, बल्कि एक विचार बन जाता है। 66वें ‘गुजरात गौरव दिवस’ के अवसर पर यही विचार सामने आया, जब भूपेंद्र पटेल ने राज्य की जनता और दुनिया भर में बसे गुजराती समुदाय को संबोधित करते हुए गुजरात की उपलब्धियों और भविष्य के विजन को साझा किया।
इतिहास से वर्तमान तक: संघर्ष से सफलता की कहानी
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि 1 मई 1960 को जब गुजरात, तत्कालीन मुंबई राज्य से अलग होकर अस्तित्व में आया, तब संसाधनों की सीमाएं थीं और कई सवाल खड़े थे। लेकिन महापुरुषों, महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, स्वामी दयानंद सरस्वती और श्यामजी कृष्ण वर्मा की प्रेरणा और जनता के निरंतर परिश्रम ने गुजरात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में विकास की रफ्तार ने राज्य की तस्वीर बदल दी है, और आज दुनिया गुजरात के विकास मॉडल को ध्यान से देख रही है।
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मोदी नेतृत्व में ‘ग्रोथ इंजन’ बना गुजरात
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विजन ने गुजरात को “ग्लोबल गेट-वे टू द फ्यूचर” बना दिया है। ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ जैसी पहल ने निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने दावा किया कि गुजरात आज देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में शामिल है, जो उसकी आर्थिक मजबूती का संकेत है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा में बड़ा विस्तार
राज्य में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि:
- बिजली उत्पादन क्षमता 8,750 मेगावाट से बढ़कर लगभग 53,000 मेगावाट हो गई है
- ‘ज्योतिग्राम योजना’ के तहत गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध है
- गैस ग्रिड, वाटर ग्रिड और विद्युत ग्रिड जैसी सुविधाओं से गुजरात देश में अलग पहचान रखता है
सूरत बनेगा नया आर्थिक केंद्र
भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सूरत और आसपास के क्षेत्रों के लिए ‘सूरत इकोनॉमिक रीजन डेवलपमेंट प्लान’ तैयार किया गया है। इसके अलावा उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र और मध्य गुजरात के लिए 6 नए रीजनल इकोनॉमिक मास्टर प्लान पर काम चल रहा है।
ग्रीन एनर्जी और हाईटेक इंडस्ट्री पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दौर ग्रीन ग्रोथ का है और गुजरात इस दिशा में पहले से अग्रणी रहा है:
- देश की कुल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में गुजरात की हिस्सेदारी 15%
- 3 लाख से अधिक घरों में सोलर रूफटॉप
- सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए साणंद और धोलेरा उभरते हब
इसके साथ ही, गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना राज्य को टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
2047 और 2035 का विजन: विकसित गुजरात का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने ‘अर्निंग वेल, लिविंग वेल’ के सिद्धांत पर आधारित विकसित गुजरात का रोडमैप साझा किया। उन्होंने कहा कि:
- 2035 तक गुजरात को मॉडल स्टेट बनाना लक्ष्य
- 2047 तक विकसित भारत के विजन में गुजरात की अहम भूमिका
- पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘कैच द रेन’ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियान
खेल और वैश्विक पहचान
उन्होंने बताया कि अमित शाह और प्रधानमंत्री के प्रयासों से गुजरात को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का अवसर मिला है, जिससे राज्य को वैश्विक खेल मानचित्र पर स्थापित करने का लक्ष्य है। हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में मिली प्रचंड जीत का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने जनता का आभार जताया और कहा कि यह समर्थन विकास की नीतियों पर विश्वास का प्रतीक है।
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