सौजन्य केस की जाँच पर बीजेपी की राजनीति पर सवाल उठाते हुए मंत्री प्रियंक खड़गे ने बीजेपी नेताओं की भाषा और रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पूछा कि क्या बीजेपी नेता अपने बच्चों को लाठी, चाकू, छुरी देते हैं?

Priyank Kharge on BJP Tactics: बीजेपी वाले क्या चाहते हैं, ये उन्हें खुद तय करना चाहिए। धर्मस्थल चलो किसके लिए किया था? सौजन्य के घर जब बीजेपी वाले गए थे, तब किस पर इल्ज़ाम लगाया था? क्या उनमें ज़रा भी अक्ल है? ये सवाल मंत्री प्रियंक खड़गे ने उठाए। एसआईटी जाँच की धीमी गति पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री प्रियंक खड़गे ने कहा कि बीजेपी वालों को बस सिरदर्दी पैदा करके राजनीति करना आता है।

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धर्मस्थल चलो चार दिन, चामुंडेश्वरी चलो दो दिन, मद्दूर चलो चार दिन, बस यही करते रहते हैं बीजेपी वाले? राज्य में फसल बर्बाद हो गई है, एनडीआरएफ के नियम ठीक करो, ये मोदी जी से कहने के बजाय ये चलो... वो चलो करते रहते हैं। सिर काटो, टांग तोड़ो, ये सब बीजेपी वालों के मुँह से निकलने वाले शब्द हैं। क्या ये अपने बच्चों के साथ खाने की मेज़ पर बैठकर अपने बच्चों को भी यही सिखाते हैं? बेटा तू चाकू ले, सिर काट, टांग तोड़, क्या अपने बच्चों को भी यही कहते हैं? क्या बीजेपी वाले अपने बच्चों को लाठी, चाकू, छुरी देते हैं? कैसी भाषा है इनकी? इस तरह बात करके ये क्या हासिल करना चाहते हैं? क्या ये कर्नाटक को यूपी, बिहार बनाना चाहते हैं? ये सवाल खड़गे ने दागे।

वो सीटी रवि, प्रताप सिम्हा और बाकी किराए के भाषण देने वाले, क्या कभी अपने बच्चों को ऐसा बोले हैं? जहाँ भी झगड़ा होता है, जहाँ भी दंगा-फसाद होता है, जहाँ भी लाशें गिरती हैं, वहीं राजनीति करना बीजेपी को आता है। बीजेपी की इन राजनीतिक चालों से राज्य के विकास में क्या योगदान हुआ है? ये सवाल करते हुए प्रियंक खड़गे ने कहा कि राज्य की जनता को ज़िम्मेदार राजनीति की ज़रूरत है।