तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने पॉडकास्ट में केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य सरकार के हितों को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए हैं।

चेन्नई. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने पॉडकास्ट में केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य सरकार के हितों को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। सीएम ने कहा है कि राज्यपाल द्वारा केंद्र सरकार राज्य सरकार को परेशान कर रही है। केंद्र सरकार राज्यों के अधिकारों को रद्द कर रही है।

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स्टालिन ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार की कोशिश राज्यों के पूरे प्रशासन को राज्यपालों की हवेली में बांधने की है। उन्होंने ये आरोप अपने नए लॉन्च पॉडकास्ट स्पीकिंग फॉर इंडिया में लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा राज्यपाल का इस्तेमाल कर रही है। राज्य की विधानसभा से पास किए गए 19 विधेयकों को स्वीकृति देने से राज्यपाल को रोका गया है। इन विधेयकों को राज्य की जनता के प्रतिनिधियों ने पास किया था।

स्टालिन ने कहा, "पीएम नरेंद्र मोदी कहते हैं कि दिल्ली से केंद्रीकरण के बिना राज्यों के लिए कार्यक्रमों की योजना बनाई जाएगी। उन्होंने योजना समिति को भंग कर दिया है। इसमें राज्य के मुख्यमंत्री भाग ले सकते थे और अपनी राय दे सकते थे। इसके बजाय 'नीति आयोग' द्वारा राज्यों के लिए योजनाएं बनाई जा रहीं हैं।" सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्यों की स्थानीय पार्टियों को तोड़ रही है। वह धन बल का इस्तेमाल कर विधायकों को खरीद रही है और विपक्षी दलों की सरकारों को गिरा रही है।

सीएम ने केंद्र सरकार के GST (Goods and Services Tax) के कार्यान्वयन की आलोचना की। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने कहा था कि वे राज्य सरकारों को और अधिक वित्तीय अधिकार देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। यहां तक कि GST के मुआवजा अवधि को भी नहीं बढ़ाया गया है। राज्य के शेयर भी नियमित रूप से नहीं दिए जा रहे हैं। GST के कारण राज्यों की वित्तीय स्थिति ICU में है।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी और फेडरलिज्म पर चर्चा करते हुए स्टालिन ने कहा कि बीजेपी सिंगल पार्टी व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। बीजेपी एक पार्टी, एक नेता और असीमित शक्ति वाला एक प्रधानमंत्री चाहती है। यह देश को खंडित और बर्बाद कर देगा।

स्टालिन ने कहा कि अगर अगले साल लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' को जीत मिलती है तो राज्यों की स्वायत्तता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने लोगों से पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों में इंडिया गठबंधन का समर्थन करने का भी अनुरोध किया।