पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता को लागू करने का श्रेय पीएम मोदी को दिया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में जो वादा किया था उसे पूरा किया जा रहा है।

Uttarakhand Uniform Civil Code: उत्तराखंड में यूनिफार्म सिविल कोड विधेयक मंगलवार केा विधानसभा में पेश किया गया। समान नागरिक संहिता को लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बनने की ओर अग्रसर है। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता को लागू करने का श्रेय पीएम मोदी को दिया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में जो वादा किया था उसे पूरा किया जा रहा है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

क्या कहा मुख्यमंत्री धामी ने समान नागरिक संहिता लागू करने पर?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से हमने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता से राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लाने का जो 'संकल्प' प्रकट किया था उसे आज हम पूरा करने जा रहे हैं। हमारी सरकार ने पूरी जिम्मेदारी के साथ समाज के सभी वर्गों को साथ लेते हुए समान नागरिक संहिता का विधेयक विधानसभा में पेश कर दिया है। देवभूमि के लिए वह ऐतिहासिक क्षण निकट है जब उत्तराखण्ड आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" का मजबूत आधार स्तम्भ बनेगा।

भाजपा ने चुनाव में किया था UCC लागू करने का वादा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले साल UCC कानून के लिए ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कमेटी का गठन किया था। कमेटी में समाज के सभी वर्गों के लोगों का प्रतिनिधित्व था। कमेटी ने समाज के सभी वर्गों के लोगों के साथ विचार विमर्श के बाद ड्राफ्ट तैयार किया। इसके लिए करीब 2 लाख लोगों से बात की गई।

2022 में उत्तराखंड में हुए विधानसभा चुनाव में UCC बड़ा मुद्दा था। भाजपा ने वादा किया था कि सरकार बनी तो राज्य में UCC लागू किया जाएगा। चुनाव में जीत मिलने के बाद भाजपा ने अपने वादे के अनुसार UCC लागू करने की दिशा में काम किया। सीएम पुष्कर सिंह धामी को उम्मीद है कि कई राज्य उत्तराखंड के उदाहरण का अनुसरण करेंगे और यूसीसी लागू करने के लिए राज्य के टेम्पलेट का उपयोग करेंगे।

यह भी पढ़ें:

उत्तराखंड में लिव-इन रिलेशनशिप को मिलेगी वैधता, बच्चों को भी मिलेगा अधिकार, जानिए क्या कहता है नया यूनिफार्म सिविल कोड