पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की अटकलों पर विराम लग गया है। असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने पुष्टि की है कि सोरेन 30 अगस्त को रांची में बीजेपी में शामिल होंगे।

चंपई सोरेन न्यूज। झारखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव 2025 के पहले राज्य के राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलने जा रहा है। जहां पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ने के अटकलों पर विराम लगाते हुए असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने मुहर लगा दी है। बता दें कि कल दिल्ली में सोरेने गृह मंत्री और BJP नेता अमित शाह से मुलाकात की थी। इसकी तस्वीर असम के CM ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट की और लिखा कि झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हमारे देश के प्रतिष्ठित आदिवासी नेता माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। वो आधिकारिक तौर पर 30 अगस्त को रांची में बीजेपी के साथ जुड़ेंगे।"

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बता दें कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता चंपई सोरेन ने आरोप लगाया था कि उनके साथ पार्टी में काफी अन्याय किया गया है। उन्हें अपमानित किया गया है। हालांकि, उन्होंने ये इशारा कर दिया था कि वो जल्द ही बीजेपी में शामिल होने वाले हैं। लेकिन अब उनके इस दावे पर मुहर भी लग चुकी है। अब ये देखना काफी दिलचस्प होगा की झारखंड की राजनीति में कैसे बदलाव देखने को मिलेंगे, क्योंकि, चंपई आदिवासी समुदाय के बड़े नेता माने जाते हैं। वो पहले मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। लेकिन हेमंत सोरेन के वापस जेल से रिहा होने के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ गया था। इस वजह से वो काफी नाराज भी हो गए थे।

चंपई सोरेन को पृथक राज्य बनाने की लड़ाई में अहम योगदान

अपना पूरा जीवन झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के लिए समर्पित करने वाले राज्य के बड़े आदिवासी नेता चंपई सोरेन ने साल 1990 के दौरान पृथक राज्य बनाने की लड़ाई में अहम योगदान दिया था। इस तरह वो झारखंड के टाइगर के नाम से फेमस हो गए थे। इसके बाद साल 2000 में बिहार से अलग होकर नया राज्य बना। 

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