Jharkhand News: हज़ारीबाग स्थित बभनबाई पहाड़ी पर सोमवार को भीषण भूस्खलन हुआ, जिसमें पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा खिसक कर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। यह हादसा भारी बारिश और पत्थर खनन के कारण मिट्टी के ढीले होने के कारण हुआ।

Hazaribagh News: झारखंड के हज़ारीबाग शहर से तीन किलोमीटर दूर स्थित बभनबाई पहाड़ी पर सोमवार को भीषण भूस्खलन हुआ। पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक खिसककर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। बभनबाई गांव पहाड़ी की तलहटी में पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित है, जहां घनी आबादी है। हज़ारीबाग एक पठारी इलाका है, जहां आमतौर पर भूस्खलन जैसी घटनाएं नहीं होतीं। सोमवार को इस हादसे से गांव के लोग सहम गए। मूसलाधार बारिश के बीच पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा खिसक गया और देखते ही देखते सैकड़ों टन मिट्टी और पत्थरों का मलबा पहाड़ी से नीचे गिर गया।

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हज़ारीबाग में भूस्खलन

पहाड़ी की तलहटी में अक्सर लोग खेती और पशुपालन करते हैं, लेकिन सोमवार को जब यह हादसा हुआ, तो वहां कोई नहीं था। लोगों का कहना है कि उन्होंने ऐसा मंज़र सिर्फ़ उत्तराखंड या हिमालयी राज्यों की ख़बरों और तस्वीरों में ही देखा था। हज़ारीबाग में भूस्खलन की घटना देखने की तो दूर, सुनने की भी किसी ने कल्पना नहीं की थी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई।

खतरा पूरी तरह टला नहीं - प्रशासन

मुफ़स्सिल थाना प्रभारी कुणाल किशोर ने एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र में लोगों की आवाजाही रोकने का आदेश दिया। हादसे में किसी तरह की जनहानि या बड़े पैमाने पर नुकसान नहीं हुआ, लेकिन प्रशासन का मानना है कि खतरा पूरी तरह टला नहीं है। आपदा प्रबंधन दल अलर्ट पर है। कुछ साल पहले तक इस पहाड़ी पर पत्थरों का खनन होता था।

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पहाड़ गिरने की क्या है वजह

हैरानी की बात यह है कि सरकार ने इस पहाड़ी के पास पत्थर खनन के लिए कुछ वर्षों का पट्टा भी स्वीकृत किया था। भू-विशेषज्ञों के अनुसार, पत्थरों के खनन और लगातार बारिश के कारण पहाड़ की मिट्टी ढीली हो गई है, जिसके कारण ऐसा हादसा सामने आया है। उनका कहना है कि यह घटना एक चेतावनी है - न केवल मौसम के लिए, बल्कि पहाड़ की देखभाल के लिए भी। ग्रामीण प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसे खतरे से बचा जा सके।

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