झारखंड के रांची में एक शातिर हत्यारा आखिरकार कानून के शिकंज में फंस ही गया। कानून से बचने के लिए गर्लफ्रेंड की हत्या कर शव जला दिया। परिवार वाले गुमशुदा समझकर तलाश करते रहें। पूछताछ के बाद पुलिस के शक के दायरे से ब्वायफ्रेंड बाहर भी आ गया था।

रांची। झारखंड के रांची में एक शातिर हत्यारा आखिरकार कानून के शिकंज में फंस ही गया। कानून से बचने के लिए गर्लफ्रेंड की हत्या कर शव जला दिया। परिवार वाले गुमशुदा समझकर तलाश करते रहें। पूछताछ के बाद पुलिस के शक के दायरे से ब्वायफ्रेंड बाहर भी आ गया था। अचानक एक दिन युवती के घर वालों को उसकी किताब से एक पर्ची मिली। परिजन वह पर्ची लेकर पुलिस स्टेशन गए। उसके बाद तो प्याज के परतों की तरह युवती के गुमशुदा होने की भी परतें खुलती चली गईं। पता चला कि ब्वायफ्रेंड ने ही हत्या के बाद शव को जला दिया था।

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13 फरवरी से लापता थी रश्मि मुंडा

रांची के चुटिया इलाके की रहने वाली रश्मि मुंडा 13 फरवरी से लापता थी। परिवार वालों ने 14 फरवरी को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि रश्मि घर से अपने दोस्त से मोबाइल फोन लेने की बात कहकर निकली थी। उसके बाद वापस घर नहीं आई। उसको गायब हुए 52 दिन हो गए थे। पुलिस या परिवार को कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।

ब्वायफ्रेंड को पूछताछ के बाद छोड़ा

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकार्ड के आधार पर युवती के ब्वायफ्रेंड पंकज को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि उसकी रश्मि से सिर्फ दोस्ती थी। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।

किताब के पन्नों से मिली पर्ची ने खोला राज

उधर घर वाले लड़की की हर चीज की छानबीन कर रहे थे। इसी दौरान रश्मि के किताब के पन्ने पलटे जाने लगें। उसमें से एक पर्ची मिली। उसे देखकर घर वाले सहम गए। परिजनों ने यह जानकारी पुलिस को दी। पता चला कि वह पर्चा रश्मि के गर्भपात से जुड़ा हुआ था।

ब्वायफ्रेंड ने रची सुसाइड की थ्योरी

परिजनों को भी युवती के एबार्शन की जानकारी नहीं थी। पुलिस ने संबंधित नर्सिंग होम में पूछताछ की तो पता चला कि उसके ब्वायफ्रेंड ने पति बनकर उसका एबार्शन कराया था। फिर पुलिस ने पंकज को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ की। उसके बाद पंकज ने सुसाइड की थ्योरी रची। पुलिस को बताया कि रश्मि 14 फरवरी को दूसरे कमरे में सो रही थी। उसी दरम्यान उसने फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। डर की वजह से उसने शव जला दिया। पर उसकी यह थ्योरी काम नहीं आई।

कड़ाई से पूछताछ में सच उगला

अंत में उसने सच उगल ही दिया। पंकज ने बताया कि 13 फरवरी की रात को ही वह उसके पास आ गई। उसने उसे ओरमांझी में रखा था। रश्मि उसके साथ रहने की जिद पर अड़ी थी। इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और जमकर मारपीट हुई। इसी दौरान उसने किसी भारी चीज से रश्मि के सिर पर वार कर दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घबराहट में उसने शव को ठिकाने लगाने के लिए उकरिद के घने जंगल के पास ले गया और वहां बोरे में शव रखक, उस पर पेट्रोल छिड़ककर जला दिया और उसके बाद वापस घर आ गया।

कंकाल का अंतिम संस्कार करेंगे परिजन

परिजन 52 दिनों से अपनी बेटी को तलाश रहे थे। उन्हें यह आशा थी कि उनकी बेटी जिंदा होगी। पर सच सामने आने के बाद उनकी आस टूट गई। पुलिस को भी तब पता चला कि 27 फरवरी को उकरिद के पहाड़ी से बरामद नरकंकाल रश्मि मुंडा का है। अब परिजन कंकाल का अंतिम संस्कार करेंगे।