झारखंड में 2.36 लाख फर्जी राशन कार्ड धारकों को अब अनाज नहीं मिल सकेगा। जांच में उनके फर्जी होने की पुष्टि हुई है। सामने आया है कि यह फर्जी राशन कार्ड धारक कई वर्षों से सरकारी योजना के तहत अनाज का लाभ ले रहे थे। 

रांची। झारखंड में 2.36 लाख फर्जी राशन कार्ड धारकों को अब अनाज नहीं मिल सकेगा। जांच में उनके फर्जी होने की पुष्टि हुई है। सामने आया है कि यह फर्जी राशन कार्ड धारक कई वर्षों से सरकारी योजना के तहत अनाज का लाभ ले रहे थे। इनकी वजह से जरुरतमंदों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था।

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इन जगहों पर पाए गए सबसे ज्यादा फर्जी राशन कार्ड धारक

राज्य में सबसे ज्यादा फर्जी राशन कार्ड धारक सिंहभूम में पाए गएं। वहां 35,834 फर्जी राशनकार्ड धारकों की जानकारी सामने आई है। धनबाद में 26,285 फर्जी राशन कार्ड धारक और रांची में 22135 फर्जी राशनकार्ड धारक पाए गए हैं।

चलाया गया था पीडीएस सशक्तिकरण पखवाड़ा

बता दें कि झारखंड में इस फर्जीवाड़े का खुलासा वन नेशन वन कार्ड के तहत चलाए गए पीडीएस सशक्तिकरण पखवाड़ा के दौरान हुआ। खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले महकमे की तरफ से बीते 1 से 21 फरवरी तक इसे चलाया गया था। कार्यक्रम के तहत सभी लाभार्थियों का राशन कार्ड उनके आधार कार्ड से लिंक कराया गया। जब सभी राशन कार्ड आधार से लिंक हो गएं तो उसके बाद ई-पॉश मशीन पर उनके अंगूठे का निशान लिया गया।

सामने आई फर्जी राशनकार्ड धारकों की जानकारी

उसमें ऐसे राशनकार्ड धारकों के बारे में जानकारी सामने आई, जो बिहार, यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से भी मुफ्त राशन ले रहे थे। जांच में ऐसे लाभार्थियों की संख्या 2.36 लाख पाई गई। अब विभाग ऐसे फर्जी राशनकार्ड रद्द करने की तैयारी में है।

असल लाभार्थियों को नहीं मिल पा रहा था लाभ

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि राशनकार्ड में फर्जीवाड़े की वजह से असल लाभार्थियों को लाभ नहीं मिल पाता था। तमाम जरुरतमंद सरकारी की राशन योजना का लाभ पाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाते रहते थे। अब इन फर्जी राशन कार्डों को रद्द किया जाएगा। इसका लाभ जरुरतमंदों को मिलेगा।