झारखंड के पलामू से बड़ी खबर सामने आई है। जहां दो समुदायों के बीच जबरदस्त पत्थरबाजी और आगजनी हुई है। इस घटना के बाद इलाके में धारा-114 लागू कर दी गई है। भारी संख्या में पुलिस तैनात है। यह पूरा बवाल महाशिवरात्रि के तोरण द्वार को लेकर हुआ था। 

पलामू. झारखंड के पलामू में दो पक्षों के बीच पत्थरबाजी और आगजनी हो गई। दोनों ही गुटों में जमकर बवाल हुआ। यह पूरा हंगामा पांकी बाजार में महाशिवरात्रि के तोरण द्वार को लेकर हुआ। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए इलाके में 144 लागू कर दी गई है। वहीं 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि उपद्रवियों ने आसपास के इलाके में पत्थरबाजी करते हुए पेट्रोल बम भी दागे।

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देखते ही देखते मामला गर्म हो गया और सब जलने लगा

दरअसल, यह पूरा मामला पलामू जिल के पांकी की मार्किट का है। जहां बुधवार दोपहर कुछ लोग महाशिवरात्रि के लिए तोरण द्वार बना रहे थे। जिले लेकर दो समुदाय के लोग आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पत्थरबाजी शुरू हो गई और आगजनी भी होने लगी। कुछ शरारती तत्व पेट्रोल के बम फेंककर दुकानों को जलाने की कोशिश तक करने लगे। कई बाइक को भी फूंक दिया गया। माहौल दंगे जैसा बनने लगा। खबर लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एक्शन लेते हुए इलाके को छावनी में तब्दील करते हुए 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए।

डीसी और एसपी मौके पर-कई पुलिसवाले हुए घायल

बता दें कि एसपी चंदन कुमार सिन्हा और उपायुक्त आंजनेयुलू दोड्डे तुरंत मौके पर पहुंचे और हालात पर नियंत्रण पाने की कोशिश की है। तीन से चार थानों की पुलिस मौके पर तैनात की गई है। मौके पर पांकी के इंस्पेक्टर अरुण कुमार महथा और थाना प्रभारी रंजीत कुमार यादव ने बताया कि बीच-बचाव करने के दौरान इस पत्थरबाजी और आगजनी में कुछ पुलिसवाले भी घायल हुए हैं। वहीं इस मामूली सी बात पर बवाल करने वाले कुछ लोगों की पहचान कर ली गई है। जल्द ही उनपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डीसी और एसपी मौके पर-कई पुलिसवाले हुए घायल

एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल मामले को शांत कराया गया है। प्रशासन दोनों पक्षों से बात कर मामला सुलझाने की कोशिश कर रही है। वहीं हालात को देखते हुए इलाके के सारे बाजार बंद हैं। सड़क पर बिखरे पत्थरों के देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि पत्थरबाजी कितनी भयावह थी । एक पक्ष के लोगों का कहना है कि तोरण द्वार लगाने के बाद दूसरे पक्ष ने उसे जबरन तोड़कर कबाड़ कर फेंक दिया गया। इसके बाद दोनों तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने तो मस्जिद से पत्थर चलाए गए।

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