अमित शाह के 3 अक्टूबर भोपाल दौरे में 35 हजार से ज्यादा गोपालक जुटेंगे। डेयरी प्रोजेक्ट, बोनस, गौशाला सहायता, IISER और बायपास से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे।

भोपाल में 3 अक्टूबर का दिन सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहने वाला। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तैयारियों की समीक्षा की है। भेल दशहरा मैदान में होने वाले गोपालक सम्मेलन में 35 हजार से ज्यादा गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्य जुटने की संभावना है। इसके साथ डेयरी, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।

35 हजार से ज्यादा गोपालक होंगे शामिल

राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन भेल दशहरा मैदान में होगा। इसमें भोपाल के अलावा सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम समेत कई जिलों से लोग पहुंचेंगे। बड़ी संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बसों की पार्किंग और जिलेवार नोडल अधिकारियों की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।

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बोनस से गौशालाओं तक, क्या-क्या होगा?

कार्यक्रम में भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालकों को बोनस राशि देने का कार्यक्रम है। पंजीकृत गौशालाओं के लिए सहायता राशि और गोपालक दीदियों के सम्मान के साथ डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी वितरित किए जाने हैं।

डेयरी सेक्टर में भी कई घोषणाएं

दौरे में डेयरी और दूध प्रसंस्करण से जुड़े प्रोजेक्ट प्रमुखता में रहेंगे। उज्जैन में 255 करोड़ रुपये के डेयरी प्लांट का भूमिपूजन और भोपाल में 16.80 करोड़ रुपये की लागत से तैयार फर्मेंटेड प्रोडक्ट मिल्क प्लांट से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इसके अलावा डेयरी क्वालिटी टेस्टिंग लैब का भी कार्यक्रम में उल्लेख है।

IISER और बायपास भी एजेंडे में

अमित शाह भोपाल बायपास-भौंरी के पास प्रस्तावित IISER भोपाल-अत्रि परिसर का शिलान्यास करेंगे और वहां स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसी दौरे में भोपाल पश्चिमी बायपास के भूमिपूजन का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।

ट्रैफिक से सुरक्षा तक, CM ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल पर सफाई, पेयजल, भोजन, सुरक्षा, चिकित्सा और फायर ब्रिगेड जैसी व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा की। अलग-अलग जिलों से आने वाली बसों के लिए पार्किंग और समन्वय की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है। शहर में यातायात सुचारू रखने के लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

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