मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) शपथ लेने के बाद एक्शन में हैं। उन्होंने अपने पहले बड़े फैसले में राज्य में धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया। बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी किए गए।

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सुप्रीम कोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण की समस्या को देखते हुए जुलाई 2005 में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर प्रतिबंध लगाया था। यह फैसला ध्वनि प्रदूषण से लोगों के स्वास्थ्य पर हो रहे गंभीर प्रभावों को देखते हुए कोर्ट ने दिया है। इसमें सार्वजनिक आपात स्थिति के मामलों को अपवाद रखा गया था। 28 अक्टूबर 2005 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि साल में 15 दिन त्योहारों के मौके पर आधी रात तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की इजाजत दी जा सकती है।

रेड परेड ग्राउंड में मोहन यादव ने ली शपथ

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का हवाला देते हुए सीएम मोहन यादव ने धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर बैन लगाया है। इससे पहले दिन में मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वह उज्जैन दक्षिण से भाजपा विधायक हैं। 58 साल के मोहन यादव को भोपाल के रेड परेड ग्राउंड में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने पद की शपथ दिलाई।

ध्वनि प्रदूषण की जांच के लिए बनेगा उड़न दस्ता

मध्य प्रदेश सरकार ने ध्वनि प्रदूषण की जांच के लिए उड़न दस्ता बनाने का फैसला किया है। शिकायत मिलने पर उड़त दस्ता के अधिकारी मौके पर जाएंगे और जांच करेंगे। इसके साथ ही धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों का औचक निरीक्षण किया जाएगा ताकि यह तय हो सके कि लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। अगर लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल होता पाया गया तो कानूनी कार्रवाई होगी।