राजधानी भोपाल में दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा के मामले में, असमा ने केस दर्ज कराया। कोर्ट ने पति जमील को 4000/माह भरण-पोषण, 3000 किराया और 3 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया। इसमें सबसे अनोखी बात ये रही कि जमील ने एक दो नहीं 4-4 शादियां कर रखी थीं।

MP News: राजधानी भोपाल में एक अनोखा दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का प्रकरण प्रकाश में आया है। जिसमें आरोपी व्यक्ति ने एक, दो नहीं चार-चार शादियां कर रखी थीं और अपनी पत्नी का दहेज उत्पीड़न कर रहा था। जिससे परेशान तीसरे नंबर की पत्नी ने पति के खिलाफ महिला थाने में दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस विवेचना के बाद मामला कोर्ट में पहुंचा। कोर्ट ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाते हुए आरोपी पति को महिला के गुजारे के लिए 3 लाख रुपए देने का आदेश दिया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

पहले पति से तलाक लेकर की थी दूसरी शादी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल शहर निवासी जमील ने चार-चार शादियां कर रखी थी। उसकी तीसरी पत्नी आसमा बेगम ने उसके खिलाफ दहेज प्रताड़ना की शिकायत महिला थाने में दर्ज कराई थी। आसमा बेगम ने अपनी शिकायत में बताया था कि जमील से उसकी दूसरी शादी हुई है। पहले पति से उसका तलाक हो चुका है। उससे उसके एक बेटी है। आसमा ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद पता चला कि जमील ने दो शादियां पहले से कर रखी है। आसमा से शादी करने के बाद उसने चौथी शादी भी कर ली।

यह भी पढ़ें… शादी समारोह से लौट रहे परिवार पर टूटा कहर, 7 की मौत, जानें क्या और कैसे हुआ?

दहेज प्रताड़ना में चौथी बीवी भी शामिल

आसमा बेगम ने आरोप लगाया कि चौथी शादी के बाद से जमील और उसकी चौथी पत्नी ने मिलकर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। दहेज की डिमांड करने लगे। उसमें जमील के मां-बाप भी शामिल थे। परेशान आसमा ने अपने पिता से अपनी पीड़ा बताई। पिता उसे बुलाने पहुंचे तो उनके साथ भी अभद्रता की गई। जिसके बाद पिता ने बेटी को लेकर जाकर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल कर दी।

डिस्ट्रिक कोर्ट ने सुनाया शख्त फैसला

डिस्ट्रिक कोर्ट में आसमा के मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जमील के खिलाफ आसमा के बयान के अलावा अन्य साक्ष्यों का भी निरीक्षण किया। जिसमें जमील पर लगाए गए आरोप सही पाए गए। जिसके आधार पर कोर्ट ने जमील पर अर्थ दंड लगाते हुए फैसला सुनाया कि वह आसमा को 4000 रुपए प्रति महीने गुजारा भत्ता और 3000 रुपए प्रति माह किराए के अलावा 3 लाख रुपए मुआवजा भी देगा। ऐसा न करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें… भोपाल में महाकुंभ प्रेरित लग्जरी टेंट सिटी, 5-स्टार होटल से कम नहीं सुविधाएं