IISER Bhopal Inauguration: भोपाल में सीएम मोहन यादव ने IISER के अत्रि परिसर का शिलान्यास किया। 485 करोड़ के नए कैंपस, आधुनिक लैब और इनोवेशन पार्क की सौगात मिली।
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 अक्तूबर को भौरी ग्राम में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) के एडवांस्ड टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च इनोवेशन (अत्रि) परिसर का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने परिसर में पौधे भी लगाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्थान के परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की नव निर्मित प्रतिमा का अनावरण भी किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोहरी जिम्मेदारी सौंपकर बधाई देने का अवसर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान गढ़ते हुए 360 डिग्री प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी प्रकार के शोध और नवाचार को प्रोत्साहित कर रही है।
देश में 7 IISER संचालित किए जा रहे- सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आधुनिक विज्ञान के युग में शोध और नवाचारों के लिए देश में 7 आईसर संचालित किए जा रहे हैं, जो वर्तमान दौर में हमारे लिए सप्त ऋषियों की तरह हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से शोध की परंपरा रही है। हमारे ऋषि पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाहन करते हुए समाज कल्याण के लिए शोध को प्रोत्साहन देते हैं। जबकि, मुनि आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए तपस्या में लीन रहते हैं। वर्तमान दौर में हमारा आईसर संस्थान भी नए-नए शोध करते हुए ऋषि परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि आईसर भोपाल को आज 485 करोड़ रुपए लागत के नए कैंपस, आधुनिक लैब, इनोवेशन पार्क की सौगात मिली है।
पंच क्रियाओं के आधार पर हो रही रिसर्च- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यहां स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया है। स्वामी जी विज्ञान के विद्यार्थी थे और उनके जीवन में विज्ञान के प्रति एक अलग ही जिज्ञासा थी। ईश्वर की खोज में उन्होंने कई महापुरुषों का सान्निध्य लिया। फिर, उन्हें स्वामी रामकृष्ण परमहंस जैसे गुरु मिले। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि सूर्य हमारे सामने मौजूद देवता हैं, जिनसे हमें प्रकाश और पौधों को प्रकाश संश्लेषण के लिए ऊर्जा मिलती है। हमारे जीवन की पंच क्रियाओं के आधार पर ही शोध आगे बढ़ रहा है। अब बायोटेक्नोलॉजी के बीच ईश्वर की कृपा से सदियों से दर्शन के साथ तर्क, ज्ञान के साथ विज्ञान और साधना के साथ अनुसंधान जुड़ा हुआ है।
'मानव कल्याण के लिए सनातन संस्कृति की धारा प्रवाहमान है'
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार सभी प्रकार के शोध और नवाचार को प्रोत्साहित कर रही है। मानव कल्याण के लिए वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति की अनमोल धारा प्रवाहमान है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने जीवन में एक बार मां काली के दर्शन कर विश्वास कर लिया, लेकिन स्वयं को कर्मकांड से नहीं जोड़ा। परमात्मा ने सभी मनुष्यों के लिए जीवन का एक समय निश्चित किया है। हर सांस के साथ हम सभी नया जीवन पाते हैं। प्रत्येक सांस के शरीर में प्रवेश करने और बाहर जाने का संबंध बाबा महाकाल से है। हम सभी मानव समाज के कल्याण के लिए नए शोध के बल पर आगे बढ़ें।


