भोपाल में 7 से 10 अक्टूबर तक MPTM 2026 होगा। 34 देशों के 100+ प्रतिनिधि, 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स और ₹1100 करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव शामिल होंगे।

भोपाल। मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहर, वन्यजीव, जैव-विविधता और प्राकृतिक खूबसूरती को दुनिया के सामने नए अंदाज में पेश करने के लिए मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM 2026) का सातवां संस्करण 7 से 10 अक्टूबर तक भोपाल में आयोजित किया जा रहा है। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में होने वाला यह आयोजन प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए बड़े बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मंच के तौर पर सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अक्टूबर को मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी करेंगे।

MP Tourism: 2030 तक साहसिक पर्यटन में नई पहचान बनाने की तैयारी

राज्य मंत्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी के अनुसार, मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट को सिर्फ पर्यटन प्रदर्शनी के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसका मकसद पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना भी है। राज्य सरकार वर्ष 2030 तक मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख साहसिक पर्यटन स्थलों में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। साथ ही प्रदेश को “भारत की वन्यजीव राजधानी” (Wildlife Capital of India) के रूप में ब्रांड करने पर जोर है। पर्यटन क्षेत्र में PPP मॉडल के जरिए सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण होमस्टे को बढ़ावा देकर स्थानीय समुदायों को जोड़ना और AI तथा बहुभाषी डिजिटल तकनीक के माध्यम से पर्यटकों का अनुभव बेहतर करना भी इस रणनीति का हिस्सा है।

Madhya Pradesh Tourism: 2025 में 21.05 करोड़ पर्यटकों का दावा

पर्यटन सचिव एवं एमपी टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने मार्ट की तैयारियों और लक्ष्यों की जानकारी दी। उनके अनुसार, राज्य की पर्यटन नीतियों के चलते वर्ष 2025 में पर्यटकों के आवागमन में 57 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और कुल पर्यटक संख्या 21.05 करोड़ तक पहुंची। MPTM 2026 के जरिए इस बढ़ते पर्यटन को निवेश, आधुनिक पर्यटन अधोसंरचना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में बदलने की योजना है।

MPTM 2026 में 34 से ज्यादा देशों के 100 से अधिक प्रतिनिधि

इस बार मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में 34 से अधिक देशों के 100 से ज्यादा विदेशी प्रतिनिधि और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े स्टेकहोल्डर हिस्सा ले रहे हैं। यूरोप से यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली, ग्रीस, नीदरलैंड्स, पोलैंड, फिनलैंड, बुल्गारिया, बेलारूस, अल्बानिया, हंगरी और स्लोवाकिया के प्रतिनिधि शामिल हैं।

अमेरिका महाद्वीप से अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको, जबकि एशिया-प्रशांत क्षेत्र से ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस और श्रीलंका के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल लेखक भोपाल पहुंच रहे हैं। पश्चिम एशिया और अफ्रीका क्षेत्र से संयुक्त अरब अमीरात, इजराइल, मॉरीशस और केन्या के प्रतिनिधियों के साथ रूस के प्रमुख टूर ऑपरेटर्स भी शामिल हैं।

15 से ज्यादा राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स होंगे शामिल

राष्ट्रीय स्तर पर भी 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 180 से ज्यादा प्रमुख घरेलू टूर ऑपरेटर्स मार्ट में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, हरियाणा, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं।

B2B Meeting: 10 हजार से ज्यादा कारोबारी बैठकें

चार दिवसीय आयोजन की सबसे अहम विशेषताओं में 10 हजार से अधिक पूर्व-निर्धारित B2B बैठकें शामिल हैं। इनके लिए ऑनलाइन शेड्यूलिंग सिस्टम तैयार किया गया है। इस व्यवस्था के जरिए देश-विदेश के खरीदारों, टूर ऑपरेटर्स, होटल समूहों, एयरलाइंस और ट्रैवल एजेंसियों की मध्यप्रदेश के 355 स्थानीय पर्यटन हितधारकों से सीधी बातचीत होगी। इनमें होटल, रिसॉर्ट, हेरिटेज प्रॉपर्टी, होमस्टे और एडवेंचर स्पोर्ट्स से जुड़े कारोबारी शामिल हैं। बैठकें प्रत्यक्ष और वर्चुअल दोनों माध्यमों से होंगी। इसका उद्देश्य प्रदेश के पर्यटन उत्पादों, लोक संस्कृति, हस्तशिल्प और अलग-अलग यात्रा पैकेजों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है।

MP Tourism Investment: ₹1,100 करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव

MPTM 2026 के दौरान मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े ₹1,100 करोड़ से अधिक के संयुक्त निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप दिए जाने की तैयारी है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी टेंटेड कैंपिंग और इको-टूरिज्म इकाइयों की स्थापना के लिए 14 प्रमुख परियोजनाओं में निजी निवेशकों को ₹252 करोड़ के लेटर ऑफ अवार्ड (LOA) दिए जाएंगे। इसके अलावा तीन प्रमुख पर्यटन राजमार्गों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक Way-side Amenities विकसित करने को लेकर भी LOA दिए जा रहे हैं।

Ramgarh Tourism Project: ₹848.40 करोड़ का बड़ा निवेश समझौता

इस निवेश अभियान में सीहोर जिले के रामगढ़ में प्रस्तावित ₹848.40 करोड़ की पर्यटन परियोजना प्रमुख आकर्षण है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड और मेसर्स ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच होने वाले समझौते के तहत रामगढ़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, गोल्फ विला, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी होटल और अन्य उच्चस्तरीय आतिथ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना से करीब 920 प्रत्यक्ष और सैकड़ों अप्रत्यक्ष स्थानीय रोजगार पैदा होने की बात कही गई है। इससे विंध्य और मालवा क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी विस्तार मिलने की उम्मीद है।

Tourism MoU: कौशल विकास से लेकर बाइक रूट और मोटरस्पोर्ट्स तक

MPTM 2026 में पर्यटन क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए 12 रणनीतिक एमओयू, एमओए और समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। कौशल विकास के लिए IITTM ग्वालियर के साथ साझेदारी की जा रही है। पहले चरण में भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग, शिष्टाचार और ग्राहक सेवा का RPL प्रशिक्षण देकर प्रमाणित किया जाएगा।

ग्रामीण पर्यटन को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए ‘ग्राम स्टे’ के साथ समझौता किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण होमस्टे को वैश्विक बुकिंग प्लेटफॉर्म तक पहुंच देना है। साहसिक और जल पर्यटन को बढ़ाने के लिए Royal Enfield के साथ नए बाइक राइडिंग रूट्स की पहचान, ATOAI के साथ सुरक्षा मानकों और NATRAX के साथ मोटरस्पोर्ट्स पर्यटन के विकास पर काम किया जाएगा।

Film Tourism और AI Tourism पर भी फोकस

फिल्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में भी कई पहल प्रस्तावित हैं। इंदौर के Artmesia College of Art and Design (ACAD) के साथ विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण और डिजिटल एसेट लाइब्रेरी तैयार करने के लिए गैर-वित्तीय समझौता किया जा रहा है।

वहीं The Viral Fever (TVF) और क्रार्क फैमिली ऑफिस के सहयोग से फिल्म पर्यटन, AVGC क्षेत्र में कौशल विकास और ‘म्यूजियम ऑफ स्टोरीटेलिंग’ की स्थापना से जुड़ी पहल की जाएगी। स्मार्ट टूरिज्म के तहत Explurger के साथ मिलकर प्रदेश के 100 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 1,000 AI-सक्षम QR कोड बोर्ड लगाने की योजना है।

Orchha UNESCO Nomination: विरासत संरक्षण पर भी जोर

ओरछा के ऐतिहासिक समूह को यूनेस्को नामांकन के लिए तैयार करने की दिशा में भी काम होगा। इसके लिए School of Planning and Architecture (SPA), नई दिल्ली और DRONAH के साथ मिलकर एकीकृत प्रबंधन एवं लैंडस्केप संरक्षण योजना तैयार की जाएगी। इसके साथ ही टेकनपुर स्थित BSF अकादमी में पर्यटन अधोसंरचना और BSF म्यूजियम के आधुनिकीकरण के लिए त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा।

MPTM 2026 में 7 से 10 अक्टूबर तक होंगे अलग-अलग कार्यक्रम

मार्ट के पहले दिन 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उद्योगपतियों, निवेशकों और कॉरपोरेट प्रतिनिधियों के साथ वन-ऑन-वन बैठकें करेंगे। इन बैठकों में मध्यप्रदेश में संभावित निवेश पर चर्चा होगी। 8 अक्टूबर को मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल और भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव श्री भुवनेश कुमार B2B मार्ट और प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इसी दिन “भारत की वन्यजीव राजधानी के रूप में मध्यप्रदेश” विषय पर पैनल चर्चा होगी। इसके अलावा साहसिक पर्यटन और MICE उद्योग को लेकर रणनीतिक राउंडटेबल भी आयोजित किए जाएंगे।

9 अक्टूबर को B2B बैठकों के साथ बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्टॉल और नवाचारों को पुरस्कार दिए जाएंगे। 10 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक प्रदर्शनी स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, पर्यटन संस्थानों के छात्रों और आम नागरिकों के लिए मुफ्त खोली जाएगी।

MP Tourism Website अब 6 भाषाओं में

विदेशी पर्यटकों के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट का बहुभाषी संस्करण लॉन्च किया जा रहा है। हिंदी और अंग्रेजी के अलावा अब जर्मन, स्पैनिश, फ्रेंच और जापानी भाषा में भी पर्यटन संबंधी जानकारी उपलब्ध होगी। इसके साथ MP Travel Handbook नाम से एक डिजिटल कॉफी टेबल बुक भी लॉन्च की जा रही है। इसमें 360 डिग्री व्यू, इंटरैक्टिव मैप्स, AI आधारित स्टोरीटेलिंग, VR लिंक और द्विभाषी ऑडियो नरेशन जैसी सुविधाएं होंगी। प्रदर्शनी में VR तकनीक के जरिए प्रदेश के ज्योतिर्लिंगों के वर्चुअल दर्शन और वन्यजीव सफारी का अनुभव देने के लिए विशेष केंद्र भी बनाए गए हैं।

Maa Ki Rasoi में मिलेगा मध्यप्रदेश का पारंपरिक स्वाद

देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश के पारंपरिक खान-पान से परिचित कराने के लिए ‘माँ की रसोई’ का लाइव काउंटर भी लगाया गया है। यहां कोदो-मेथी भात, ज्वार-बाजरे की रोटी, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, निघौना, मालवा-निमाड़ का दाल-बाफला, भुने भाटे का भर्ता और सिलबट्टे की चटनी जैसे पारंपरिक व्यंजन परोसे जा रहे हैं।

FAM Trips: खजुराहो से कूनो और महाकाल तक घूमेंगे प्रतिनिधि

ट्रैवल मार्ट के बाद विदेशी और घरेलू प्रतिनिधियों को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों का अनुभव कराने के लिए 16 विशेष Familiarization Tours (FAM Trips) आयोजित किए जाएंगे। इनमें 200 से अधिक पर्यटन विशेषज्ञ शामिल होंगे। हेरिटेज सर्किट में खजुराहो, ओरछा, मांडू, महेश्वर, ग्वालियर, सांची और भीमबेटका शामिल हैं। वाइल्डलाइफ सर्किट में कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा और कूनो चीता अभयारण्य का दौरा कराया जाएगा।

आध्यात्मिक सर्किट में उज्जैन महाकाल महालोक, ओंकारेश्वर एकात्म धाम, चित्रकूट और अमरकंटक शामिल हैं। वहीं साहसिक और जल पर्यटन के तहत पचमढ़ी, चंदेरी, तवा और गांधी सागर का भ्रमण कराया जाएगा। भोपाल में प्रतिनिधियों के लिए हेरिटेज वॉक, वन विहार बर्ड वॉक, बड़े तालाब में शिकारा राइड और योग सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।

कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 को पर्यटन कारोबार, निवेश, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ जोड़ने वाले बड़े मंच के रूप में तैयार किया गया है। सरकार का लक्ष्य पर्यटन को प्रदेश की अर्थव्यवस्था और स्थानीय समुदायों के लिए लंबे समय के अवसरों से जोड़ना है।