Ram Mandir Donation Scam :अयोध्या के राम मंदिर में चंदा गबन मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब एमपी के पूर्व सीएम और कांग्रेस के सीनियर नेता दिग्विजय सिंह ने बीजेपी और RSS पर निशाना हुए उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा निकालने का भी ऐलान किया है।
नई दिल्ली : अयोध्या के राम मंदिर में चंदा गबन मामले पर विपक्ष एक जुट होकर केंद्र और यूपी की योगी सरकार के साथ आरएसएएस पर जमकर हमला कर रहा है। इसी बीच मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर चंदे में कथित हेरफेर के मामले पर बीजेपी और RSS पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "मैं धर्म को समझता हूं और इसकी रक्षा के लिए कुछ भी करूंगा।" सालाथ ही दिग्गी राजा ने उज्जैन से लेकर अयोध्या तक पैदल यात्रा करने का ऐलान किया है।

‘’अब मेरा मिशन सिर्फ धर्म की रक्षा करना''
राम मंदिर चंदा मामले पर बात करते हुए सिंह ने कहा, "मैं धर्म को, सनातन धर्म को समझता हूं। मैं बीजेपी, VHP और RSS को भी समझता हूं। अब मेरा मिशन सिर्फ धर्म की रक्षा करना है - आखिरी सांस तक आस्था का बचाव करूंगा। इसमें कोई राजनीति नहीं है... मैं संतोष दुबे जी को भी बुलाऊंगा। वो वही कार सेवक हैं, जिनके शरीर में चार गोलियां लगी थीं। वह (मेरी यात्रा में) मुख्य अतिथि होंगे।"
उज्जैन से अयोध्या तक करेंगे पदयात्रा
- दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर के चंदे में हुई कथित चोरी के विरोध में 2 अक्टूबर को एक 'गैर-राजनीतिक' पदयात्रा का ऐलान किया है। यह पदयात्रा उज्जैन के महाकाल मंदिर से शुरू होकर अयोध्या तक जाएगी।
- उन्होंने साफ किया कि यह मार्च पूरी तरह से गैर-राजनीतिक होगा और इसमें कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है, जिसने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया है।
राम मंदिर से चंदा जूतों और निजी सामान में चुराकर ले गए दान
इस मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती जांच में अयोध्या के राम मंदिर के काउंटिंग रूम में सुरक्षा में गंभीर चूक की बात सामने आई है। जांच में कहा गया है कि यहां के कर्मचारी कथित तौर पर नोटों की गड्डियां अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और दूसरे निजी सामानों में छिपा लेते थे। SIT ने यह भी बताया कि यह चोरी कोई एक-दो बार की घटना नहीं, बल्कि "योजनाबद्ध" तरीके से बार-बार की गई।
27 अप्रैल से 5 जून के बीच 70 घटनाएं पकड़ी गईं
SIT के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच की CCTV फुटेज की जांच में करीब 70 ऐसी संदिग्ध घटनाएं पकड़ी गईं, जिनमें काउंटिंग स्टाफ कैश के बंडल छिपाते हुए दिखे। SIT की शुरुआती जांच में सुरक्षा प्रोटोकॉल में खामियां पाई गईं। जांच में बताया गया है कि काउंटिंग हॉल के एंट्री और एग्जिट गेट पर कर्मचारियों की कोई तलाशी नहीं होती थी। साथ ही, कर्मचारियों द्वारा अंदर-बाहर ले जाए जाने वाले निजी सामानों पर भी कोई खास निगरानी नहीं रखी जाती थी।


