MP के नरसिंहपुर में, IAS गजेंद्र नागेश का वीडियो वायरल हुआ। उन्होंने एक बुजुर्ग को शौचालय की शिकायत पर रेत में गाड़ने की धमकी दी और खुले में पेशाब कर रहे युवक को थप्पड़ मारा। वीडियो पर लोगों ने गुस्सा जताया है।
नरसिंहपुर: देखिये, किसी भी देश के लिए वहां की पब्लिक हेल्थ को प्राथमिकता देना सरकार और उसके अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है। लेकिन, सोशल मीडिया पर एक IAS अफसर का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह पब्लिक टॉयलेट न होने की शिकायत करने वाले एक बुजुर्ग को जिंदा गाड़ने की धमकी दे रहे हैं और एक युवक को थप्पड़ मार रहे हैं, जो टॉयलेट न होने की वजह से खुले में पेशाब कर रहा था।
शिकायत की तो पिटाई और धमकी
पत्रकार शुभम शुक्ला ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि यह घटना मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर के बरमान रेत घाट पर हुई। वीडियो की शुरुआत में एक बुजुर्ग अपने सामने खड़े एक पुलिस अफसर और दूसरे अधिकारी से टॉयलेट न होने की शिकायत कर रहे हैं। बुजुर्ग आसपास के इलाकों में पब्लिक टॉयलेट की कमी के बारे में बता रहे हैं। इसी बीच, गजेंद्र नागेश नाम के एक शख्स, जो खुद को IAS बता रहे थे, थोड़ी दूर पर पेशाब कर रहे एक युवक को बुलाते हैं और उसके चेहरे पर जोर से थप्पड़ मार देते हैं। वीडियो में यह साफ देखा जा सकता है। साथ में मौजूद पुलिस अफसर भी युवक को थप्पड़ मारता है।
गाड़ देने की धमकी
इसके बाद, IAS अफसर उस युवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग करते हैं। वह अधिकारियों को युवक की दुकान हटाने का भी आदेश देते हैं। फिर वह शिकायत करने वाले बुजुर्ग की ओर मुड़ते हैं और उन्हें धमकाते हैं। उंगली दिखाते हुए IAS अफसर कहते हैं, 'मैं तुम्हें रेत में गाड़ दूँगा, जितना तुम जमीन के ऊपर दिख रहे हो, उतना ही अंदर धंसा दूँगा।' वीडियो शेयर करते हुए शुक्ला पूछते हैं, "अब बताइए, कोई अपने पिता की उम्र के बुजुर्ग के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करता है... ये तो गुंडे हैं। IAS अफसर यह सब कब से करने लगे?"
लोगों ने गुस्से में दी प्रतिक्रिया
यह वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने IAS अफसर और पुलिसवाले के खिलाफ आवाज उठाई। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई कि सरकारी अधिकारियों को जनता को सजा देने का क्या अधिकार है। एक यूजर ने गुस्से में पूछा कि क्या वे (IAS अफसर) जनसेवा के लिए हैं या लोगों को रेत में गाड़ने के लिए? एक अन्य यूजर ने पूछा कि क्या IAS वालों को यही ट्रेनिंग मिलती है? कई लोगों ने जनता की सेवा करने के बजाय उन्हें परेशान करने वाले IAS और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ और लोगों ने बताया कि सजा सुनाने का अधिकार सिर्फ अदालत को है और अधिकारी सिर्फ उसे लागू करने वाले होते हैं। वैसे, एशियानेट न्यूज ऑनलाइन इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सका है।
