खाड़ी देशों में बने हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद्यान्न, गैस और तेल की पर्याप्त उपलब्धता है और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में खाड़ी देशों में उत्पन्न विषम परिस्थितियों को देखते हुए मध्यप्रदेश में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु बनी रहे।
प्रदेश में खाद्य, गैस और तेल की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में किसी भी प्रकार की आपूर्ति संबंधी समस्या नहीं है। राज्य सरकार के पास खाद्यान्न, गैस और तेल जैसे आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की घबराहट या पैनिक में न आएं। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
बेहतर प्रबंधन के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था का बेहतर से बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रख रही है। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में देश के साथ-साथ मध्यप्रदेश में भी आपूर्ति से जुड़ी किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए बनाई गई समिति
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश में मजबूत प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके लिए तीन सदस्यीय मंत्री और अधिकारियों की एक समिति बनाई गई है, जो प्रदेश की खाद्य एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखेगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल निर्णय लेकर आपूर्ति को सुचारु बनाए रखेगी।
खाड़ी देशों में फंसे मध्यप्रदेश के नागरिकों की वापसी पर भी ध्यान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों, विशेषकर मध्यप्रदेश के निवासियों की सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो रोजगार, वर्क वीजा, पढ़ाई या पर्यटन के लिए वहां गए हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक 255 लोगों ने संपर्क किया है। इन सभी नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सहित राज्य सरकार के सभी मंत्री उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रभारी मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण रश्मि अरुण शमी, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।


