मध्यप्रदेश को MICE पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी है। भोपाल में 8 हजार प्रतिनिधियों की क्षमता वाला कन्वेंशन सेंटर प्रस्तावित है। पर्यटन नीति में 10 करोड़ तक की सब्सिडी का प्रावधान है।
भोपाल। मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर MICE पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए आधुनिक कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर बनाने के साथ पर्यटन से जुड़ी अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। भोपाल में प्रस्तावित सतगढ़ी कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर इस दिशा में अहम परियोजना होगी। यहां एक साथ 6 से 8 हजार प्रतिनिधियों के बैठने की क्षमता विकसित करने की योजना है। इससे प्रदेश में बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, व्यापार प्रदर्शनियों और व्यावसायिक आयोजनों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
इसी सिलसिले में मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘IEIA MICE इंडस्ट्री लीडर्स कनेक्ट–फोकस’ कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की पर्यटन संभावनाओं और निवेश के अवसरों को सामने रखा गया। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अपर सचिव एवं महानिदेशक सुमन बिल्ला भी कार्यक्रम में शामिल हुए। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने प्रदेश में MICE पर्यटन के विकास की योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
MICE Tourism: मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय बिजनेस इवेंट्स का केंद्र बनाने की तैयारी
इंडियन एग्जीबिशन इंडस्ट्री एसोसिएशन (IEIA) ने भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया। सम्मेलन की थीम ‘भारत में MICE आयोजनों के लिए इकोसिस्टम का निर्माण’ रखी गई थी। इसमें पश्चिमी भारत को वैश्विक MICE पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
MICE पर्यटन में व्यावसायिक बैठकें, प्रोत्साहन यात्राएं, सम्मेलन और प्रदर्शनियां शामिल होती हैं। इस क्षेत्र के विकास से होटल, परिवहन, खानपान, स्थानीय पर्यटन और अन्य सेवाओं से जुड़े कारोबार को भी फायदा मिलता है। मध्यप्रदेश इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं और निवेश-अनुकूल नीतियों के जरिए बड़े आयोजनों के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहता है।
Bhopal Convention Centre: 8 हजार प्रतिनिधियों की क्षमता वाला केंद्र बनाने की योजना
भोपाल में प्रस्तावित सतगढ़ी कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर प्रदेश के सबसे बड़े MICE केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय बेडेकर के मुताबिक, यहां 6 से 8 हजार प्रतिनिधियों की बैठक क्षमता तैयार करने की योजना है।
यह परियोजना 172 एकड़ में विकसित हो रहे सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का हिस्सा होगी। सेंटर की योजना तैयार करने में इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (ITPO) का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस केंद्र के तैयार होने से भोपाल में बड़े सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय बैठकें और व्यापार प्रदर्शनियां आयोजित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
Indore और Khajuraho में भी मौजूद हैं आधुनिक कन्वेंशन सुविधाएं
मध्यप्रदेश में फिलहाल कई ऐसे केंद्र हैं, जहां बड़े व्यावसायिक और संस्थागत आयोजन किए जा सकते हैं। भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर संचालित है। वहीं, इंदौर और खजुराहो में भी आधुनिक सुविधाओं वाले कन्वेंशन सेंटर मौजूद हैं।
- भोपाल: कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर
- इंदौर: ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 5 हजार से अधिक प्रतिनिधियों की क्षमता और 15 ब्रेकआउट हॉल उपलब्ध हैं
- खजुराहो: महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में 1,200 से अधिक प्रतिनिधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं
डॉ. बेडेकर ने कहा कि मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड का उद्देश्य प्रदेश को व्यावसायिक आयोजनों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए आधुनिक अधोसंरचना, निवेश-अनुकूल नीतियों और संस्थागत सहयोग के साथ प्रदेश की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत को भी पर्यटन से जोड़ा जाएगा।
MP Tourism Policy 2025: कन्वेंशन प्रोजेक्ट्स को 10 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी
MICE पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन नीति-2025 में वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए जरूरी सुविधाओं का विस्तार करना है।
नीति के तहत पात्र परियोजनाओं और आयोजनों को कई तरह की सहायता मिल सकती है।
- कन्वेंशन प्रोजेक्ट्स: 500 या उससे अधिक बैठक क्षमता वाले पात्र आवासीय कन्वेंशन प्रोजेक्ट्स को पूंजीगत निवेश पर 15 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रावधान है। इसकी अधिकतम सीमा 10 करोड़ रुपये है।
- व्यापार प्रदर्शनियां: पात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनियों के लिए स्थान और स्टॉल की लागत पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल सकती है।
- ग्रीन इवेंट सर्टिफिकेशन: ‘ग्रीन इवेंट सस्टेनेबिलिटी सर्टिफिकेशन’ के लिए अधिकतम 1 लाख रुपये तक की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति का प्रावधान है।
इन प्रोत्साहनों से कन्वेंशन सेंटर विकसित करने, प्रदर्शनियों का आयोजन करने और पर्यावरण के अनुकूल इवेंट मैनेजमेंट को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इन सुविधाओं का लाभ संबंधित पात्रता शर्तों के अधीन होगा।
Madhya Pradesh Travel Mart 2026: 34 देशों के टूर ऑपरेटरों ने लिया हिस्सा
मध्यप्रदेश में बड़े स्तर के व्यावसायिक आयोजनों की क्षमता का उदाहरण ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026’ भी रहा। इस आयोजन में देश-विदेश से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
आयोजन में 34 देशों के 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर पहुंचे। इसके अलावा 15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटरों और 600 से अधिक हितधारकों की भागीदारी रही। कार्यक्रम में 177 स्टॉल लगाए गए और इनके माध्यम से 10,263 बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें हुईं।
ये आंकड़े बताते हैं कि मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने की संभावनाएं हैं। सरकार अब इसी तरह के आयोजनों का दायरा बढ़ाकर प्रदेश को बड़े व्यावसायिक सम्मेलनों और प्रदर्शनियों के लिए अधिक आकर्षक बनाना चाहती है।
City MICE Promotion Bureau: आयोजकों को मिलेगी सिंगल विंडो सुविधा
प्रदेश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को आकर्षित करने के लिए ‘सिटी MICE प्रमोशन ब्यूरो’ स्थापित करने का प्रस्ताव भी है। इसका मकसद आयोजकों को अलग-अलग विभागों और सेवाओं के लिए भटकने के बजाय एक ही व्यवस्था के जरिए जरूरी सहयोग उपलब्ध कराना है।
प्रस्तावित ब्यूरो के माध्यम से आयोजकों को कई स्तरों पर मदद मिलेगी।
- सम्मेलन या प्रदर्शनी के लिए उपयुक्त स्थल चुनने में सहायता।
- स्थानीय साझेदारों और होटल व्यवसायियों से संपर्क एवं समन्वय।
- संबंधित सरकारी विभागों के साथ जरूरी प्रक्रियाओं में सहयोग।
- पर्यटन नीति के तहत उपलब्ध वित्तीय प्रोत्साहनों की जानकारी।
- आयोजन में आने वाले प्रतिनिधियों के लिए विशेष पर्यटन पैकेज तैयार करने में मदद।
इस व्यवस्था से आयोजकों के लिए कार्यक्रमों की योजना बनाना और उन्हें समय पर पूरा करना आसान हो सकता है। साथ ही, सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का अवसर भी मिलेगा।
प्रदेश में प्रस्तावित नए कन्वेंशन सेंटर, मौजूदा सुविधाओं, पर्यटन नीति के प्रोत्साहनों और सिंगल विंडो सहयोग को मिलाकर MICE पर्यटन का एक मजबूत ढांचा तैयार करने की योजना है। इसका अगला अहम पहलू इन परियोजनाओं को जमीन पर उतारना और बड़े आयोजनों के लिए मध्यप्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करना होगा।








