मध्य प्रदेश के मंदसौर कलेक्टरेट ऑफिस में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जब एक बेबस किसान अपनी ही जमीन के खातिर रोता-बिलखता हुआ नजर आया। इस घटना से जुड़ा वीडियो काफी वायरल भी हो गया।

Indore: मध्य प्रदेश के मंदसौर कलेक्टरेट ऑफिस में बीते 16 जुलाई (मंगलवार) को एक दिल दहलाने वाला नजारा देखने को मिला। जहां 65 साल का बुर्जुग किसान अपनी जमीन को लेकर हाथ जोड़कर रो रहा था और जमीन पर गिरकर घूम रहा था। वो लगातार रो रहा था और कह रहा था कि अब मैं क्या करूंगा? पीड़ित किसान शंकरलाल पाटीदार का आरोप है कि उनकी जमीन पर भूमाफियाओं ने अवैध कब्जा कर लिया है। इसको लेकर वो बीते 14 सालों से कलेक्टरेट ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं। इसकी बावजूद उन्हें कोई इंसाफ नहीं मिल रहा है।

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वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए सरकार की आलोचना की, जबकि बीजेपी ने किसानों पर नाटक रचने का आरोप लगाया। मंदसौर कलेक्टर दिलीप यादव ने कहा कि उन्होंने पाटीदार के दावों की जांच की और पाया कि वह उस जमीन पर अवैध कब्जे में था, जो पहले ही बेची जा चुकी थी। पाटीदार अपनी खेती करने वाले जमीन पर कथित अतिक्रमण के विरोध में मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में गए थे। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने बार-बार अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई और यहां तक ​​कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी लिखा, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।

पीड़ित किसान शंकरलाल पाटीदार का दावा

पीड़ित किसान शंकरलाल पाटीदार ने स्थानीय मीडियाकर्मियों को बताया कि जमीन पूरी तरह से उनकी है। 'जमीन मेरे कब्जे में है, लेकिन कुछ लोग इस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं अपनी जमीन बचाने के लिए प्रशासन से मदद मांग रहा हूं। हालांकि, मंदसौर कलेक्टर दिलीप यादव ने कहा कि पाटीदार के पास 1.2 हेक्टेयर जमीन का प्लॉट है, लेकिन उन्होंने अवैध रूप से 1.76 हेक्टेयर के बगल वाले प्लॉट पर कब्जा कर लिया है, जो उनके परिवार के सदस्यों का है।

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