शहडोल में 16 जनवरी को रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन। मुख्यमंत्री करेंगे 28 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन। 570 करोड़ का निवेश और 2600 रोजगार के अवसर।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शहडोल औद्योगिक क्षेत्र की अपार संभावनाओं की भूमि है। सहयोग और साझेदारी के साथ क्षेत्रीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये 16 जनवरी को यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी शहडोल में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होने वाला है। इसमें उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ नीति संवाद और नवाचार साझा किये जायेंगे। कॉन्क्लेव में 4 हजार से अधिक प्रतिभागी और 2 हजार से अधिक उद्योगपति शामिल होंगे।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव कॉन्क्लेव में 28 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। इन इकाइयों में 570 करोड़ रूपये का निवेश और 2600 रोजगार का सृजन होगा। कॉन्क्लेव में टोरेंट पॉवर द्वारा 1600 मेगावाट थर्मल प्लांट के लिए 18 हजार करोड़ रूपये का निवेश संभावित है।

कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे। साथ ही निवेशकों के साथ 3 सेक्टोरल सत्र भी होंगे। कॉन्क्लेव के शुभारंभ सत्र में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन मध्यप्रदेश के उद्योग दृष्टिकोण पर प्रकाश डालेंगे और उद्योग विभाग की एक साल की उपलब्धियों पर फिल्म का प्रदर्शन होगा।

अधिकारियों द्वारा प्रेजेन्टेशन

प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई राघवेन्द्र कुमार सिंह प्रदेश में निवेश के अवसरों, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के अवसरों, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम में अवसरों, प्रमुख सचिव खनिज संसाधन उमाकांत उमराव खनन एवं खनिज क्षेत्र में अवसरों और प्रमुख सचिव पर्यटन शिव शेखर शुक्ला पर्यटन क्षेत्र में अवसरों का प्रस्तुतिकरण देंगे। कॉन्क्लेव में प्रमुख उद्योगपतियों द्वारा अपने अनुभव साझा किये जायेंगे।

कॉन्क्लेव में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला और एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम स्थल पर व्यापार प्रोत्साहन के लिए बिजनेस प्रमोशन सेंटर और ट्रेड एसोशियन एवं शासकीय विभागों के प्रदर्शनी स्टॉल लगेंगे। इन स्टॉल्स के माध्यम से जी-2-सी (सरकार से नागरिक) संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें उद्यमियों और निवेशकों को राज्य की विभिन्न योजनाओं और नीतियों की जानकारी मिल सकेगी, जिससे वे अपने व्यापारिक निर्णयों को बेहतर तरीके से ले सकेंगे। एक जिला-एक उत्पाद और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी स्थानीय कारीगरों और उत्पादकों को अपने उत्पादों एवं व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर देगी।