जबलपुर के नाले में मिली अज्ञात लाश ने खोले घरेलू हिंसा के डरावने राज़… जब पुलिस ने खोला मामला, सामने आई बेटे की खौफनाक साजिश! शराबी पिता की हत्या के पीछे छुपा था मासूम सा चेहरा…

Jabalpur News: MP के जबलपुर के माढ़ोताल इलाके में एक नाले के पास मिली अज्ञात लाश ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पहले तो ये एक सामान्य मौत लग रही थी, लेकिन जब पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखी, तो मामला पूरी तरह पलट गया। गले में लिपटा लाल रंग का कपड़ा और दम घुटने से हुई मौत ने यह साफ कर दिया कि यह हत्या है।

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पत्नी ने शव की पहचान की, खुला घरेलू हिंसा का राज

पुलिस द्वारा शव की पहचान के प्रयास तेज किए गए और फोटो सार्वजनिक किए गए। इस बीच दद्दा नगर निवासी गीता कोरी ने शव की पहचान अपने पति सुंदरलाल कोरी उर्फ बल्लू (51 वर्ष) के रूप में की। उन्होंने बताया कि सुंदरलाल शराब पीने का आदी था और अक्सर नशे में उनकी पिटाई करता था।

CCTV फुटेज बना बड़ा सुराग

पुलिस ने जब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो एक फुटेज में चार लोग एक बाइक पर नज़र आए।

  • बाइक उदय चढ़ार (19) चला रहा था
  • बीच में साहिल रैकवार (18) बैठा था
  • एक चादर में लिपटा हुआ शव। सबसे पीछे बैठा था एक किशोर, जिसकी उम्र करीब 16-17 साल थी। इनका हावभाव संदिग्ध लग रहा था और पुलिस ने इन तीनों को हिरासत में ले लिया।

बेटे ने खुद कबूला अपना जुर्म

जैसे ही पुलिस ने पूछताछ शुरू की, तो सबसे चौंकाने वाला खुलासा सामने आया। मृतक का नाबालिग बेटा टूट चुका था और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया, “पापा रोज शराब पीकर मम्मी को पीटते थे, हम सब डर-डर कर जी रहे थे। अब सहन नहीं हुआ, तो मैंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ये कदम उठाया।”

रची गई थी पूरी प्लानिंग, फिर गला घोंटकर की हत्या

बेटे ने अपने दोनों दोस्तों के साथ मिलकर सुंदरलाल की हत्या की साजिश रची। उन्होंने पहले सुंदरलाल को अकेला पाया, फिर गला घोंटकर उसे मार डाला। इसके बाद शव को चादर में लपेटा और बाइक पर पीछे रखकर कठौंदा कचरा प्लांट के पीछे नाले में फेंक दिया, ताकि कोई पहचान न सके।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को किया गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग बेटे, सहयोगी उदय चढ़ार और साहिल रैकवार को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में इस्तेमाल लाल पकड़ा और बाइक भी जब्त की जा चुकी है।

अपराध के पीछे छिपा पारिवारिक टूटन का दर्द

यह घटना सिर्फ एक मर्डर स्टोरी नहीं है, बल्कि यह एक टूटे हुए परिवार, घरेलू हिंसा और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की मार्मिक कहानी है। अगर समय रहते मदद ली जाती, तो शायद एक जीवन बच जाता और एक किशोर का भविष्य बर्बाद न होता।