मध्य प्रदेश में 'नक्शा' कार्यक्रम की शुरुआत, सीएम मोहन यादव और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी जानकारी। जानिए लैंड रिकॉर्ड डिजिटलाइजेशन और वाटरशेड योजना की अहमियत।

रायसेन। मध्य प्रदेश में डिजिटल लैंड रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए 'नक्शा' (NAKSHA) कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। इस ऐतिहासिक योजना का शुभारंभ रायसेन जिले में किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मौजूद रहे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को उनकी जमीन और मकान का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध कराना है, जिससे भूमि संबंधी विवादों में कमी आएगी।

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क्या है 'नक्शा' (NAKSHA) प्रोग्राम?

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह योजना (NAKSHA) नागरिकों को उनके घर और जमीन का परफेक्ट डिजिटल नक्शा उपलब्ध कराएगी। इससे उनकी संपत्ति की सटीक जानकारी रिकॉर्ड में रहेगी और भविष्य में कानूनी समस्याओं से बचाव होगा। उन्होंने कहा, "यह एक डिजिटल क्रांति है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। इससे नागरिकों को उनकी भूमि का व्यवस्थित और प्रमाणित दस्तावेज मिलेगा, जो भविष्य में किसी भी सरकारी योजना का लाभ उठाने में मदद करेगा।"

मध्य प्रदेश में जल संरक्षण की नई पहल - वाटरशेड योजना

इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने वाटरशेड यात्रा की भी शुरुआत की। उन्होंने कहा कि जल जीवन का आधार है और इसकी सुरक्षा करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में रहे, इसके लिए 'वाटरशेड योजना' बनाई गई है। यह योजना जल संरक्षण और सिंचाई को बढ़ावा देगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ होगा।"

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डिजिटल इंडिया के तहत बड़ा कदम

'नक्शा' (NAKSHA) कार्यक्रम और 'वाटरशेड योजना' दोनों ही डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। सरकार का उद्देश्य आधुनिक तकनीक का उपयोग करके नागरिकों को सुविधा प्रदान करना और कृषि व जल संरक्षण में सुधार लाना है। इस ऐतिहासिक योजना से मध्य प्रदेश की जनता को बड़ा लाभ मिलेगा, जिससे वे अपनी जमीन का सटीक रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पहल को मध्य प्रदेश में डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया और कहा कि इससे नागरिकों को अपनी भूमि की पूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी।

'नक्शा' योजना से क्या होंगे लाभ? (NAKSHA)

  1. डिजिटल और व्यवस्थित भूमि रिकॉर्ड
  2. भू-संपत्तियों में पारदर्शिता और विवादों में कमी
  3. जल संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग
  4. किसानों और भूमि मालिकों को सीधा लाभ

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