Shivpanth Community: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़वानी में शिवपंथ के नशामुक्ति अभियान की सराहना की और 2029 तक नशे की बुराई खत्म करने का संकल्प दोहराया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास, सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं और वन औषधि शोध संस्थान समेत कई विकास कार्यों की घोषणाएं कीं।

MP De Addiction Campaign: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नशे की बुराई को समाज से खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन में बुराइयां और विकृतियां लाता है। सभी को संकल्प लेना चाहिए कि वे खुद नशे से दूर रहेंगे और समाज को भी नशामुक्त बनाने में योगदान देंगे। मुख्यमंत्री रविवार को बड़वानी जिले के ग्राम अजगरिया में शरद पूर्णिमा के अवसर पर शिवपंथ समुदाय की ओर से आयोजित नशामुक्ति कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने नशामुक्ति के क्षेत्र में शिवपंथ समुदाय की ओर से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने शिवपंथ के संस्थापक परम पूज्य गुरुवर्य श्री वनसिंह महाराज, श्री कालूसिंह महाराज और सुमली माताजी के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता, सत्संग और जनभागीदारी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

2029 तक नशे की बुराई खत्म करने का लक्ष्य

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मनुष्य जीवन अनमोल है और इसे नशे की लत में बर्बाद नहीं करना चाहिए। हर व्यक्ति को ऐसा काम करना चाहिए, जिससे उसका जीवन सार्थक बन सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी संकल्प है कि वर्ष 2029 तक देश और मध्य प्रदेश से नशे की प्रवृत्ति को जड़ से खत्म किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्ति के लिए सरकार और समाज को मिलकर काम करना होगा। जब जनसहयोग और जनभागीदारी किसी अभियान से जुड़ते हैं, तो वह जनआंदोलन बन सकता है। एकजुट होकर बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

शरद पूर्णिमा पर शिवपंथ के प्रयासों की सराहना

मुख्यमंत्री ने शरद पूर्णिमा के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पर्व पर चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ प्रकाश फैलाता है। उन्होंने शिवपंथ समुदाय की नशामुक्ति की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि संगठन लोगों को खीर खिलाकर नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाने का काम करता है।

शिवपंथी सत्संग संगठन लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में नशामुक्ति के लिए जागरूकता फैला रहा है। संगठन का मानना है कि आध्यात्मिकता और सत्संग के जरिए व्यक्ति को आंतरिक शांति मिलती है और वह नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने के लिए प्रेरित होता है।

किसानों को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार इस वर्ष किसान कल्याण वर्ष मना रही है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों से खेती के साथ दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा देने की अपील की।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादन और गौशालाओं के संचालन को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान देगी। किसान दूध समितियों के माध्यम से दूध बेचकर आमदनी बढ़ा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से दूध के सेवन को अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया।

बड़वानी को मिली कई विकास कार्यों की सौगात

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बड़वानी जिले के लिए कई विकास कार्यों की घोषणाएं कीं। इनमें गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, वन औषधि संरक्षण और जनजातीय समुदाय के अधिकारों से जुड़े कदम शामिल हैं।

प्रमुख घोषणाएं इस प्रकार हैं:

  • खुपजदेव धाम: ग्राम में धाम बनाने और वहां तक सड़क निर्माण की घोषणा।
  • छात्रावास: ग्राम अजगरिया में बालकों और बालिकाओं के लिए 100-100 सीटर छात्रावास बनाए जाएंगे।
  • सुविधायुक्त शेड: ग्राम पांजरिया (ध) में 50 लाख रुपये की लागत से सर्वसुविधायुक्त शेड का निर्माण होगा।
  • पुलिस चौकी: ग्राम धवली में पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी।
  • बारेली भाषा का संरक्षण: भाषा से जुड़े दस्तावेजों के संरक्षण और शोध का काम किया जाएगा।
  • सिकल सेल बीमारी: बीमारी की रोकथाम के लिए जांच, परामर्श और उपचार संबंधी स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत की जाएंगी।
  • वन औषधि शोध संस्थान: बड़वानी में वन औषधियों के संरक्षण के लिए शोध संस्थान बनाया जाएगा।
  • वन अधिकार पट्टे: जिन जनजातीय परिवारों को अभी तक वन अधिकार पट्टे नहीं मिले हैं, उन्हें पट्टे दिए जाएंगे।
  • पट्टों की रजिस्ट्री: जिन लोगों को पट्टे मिल चुके हैं, उनकी रजिस्ट्री सरकार की ओर से कराई जाएगी।

क्या है शिवपंथी संगठन की दीक्षा परंपरा?

शिवपंथ में गुरु-शिष्य परंपरा के तहत दीक्षा देने से पहले कठोर संकल्प का पालन करना होता है। संगठन के अनुसार, दीक्षा लेने वाले व्यक्ति को लगभग 38 दिनों तक ब्रह्मचारी जीवन के नियमों का पालन करना पड़ता है। संकल्प पूरा करने के बाद ही शिष्य को गुरुपद दिया जाता है। इस परंपरा में महिलाओं को भी दीक्षा दी जाती है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण

शरद पूर्णिमा के अवसर पर ग्राम अजगरिया के पहाड़ी क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान भगवान शिव के स्मरण के साथ रातभर धार्मिक भजन प्रस्तुत किए गए। श्रद्धालुओं के बीच दूध प्रसादी और चावल की खिचड़ी भी वितरित की गई।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नशामुक्ति को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि सरकार और समाज की साझा भागीदारी से ही इस बुराई को दूर किया जा सकता है।