क्या लघु उद्योग ही भारत को 2047 तक आत्मनिर्भर बनाएंगे? भोपाल में CM मोहन यादव ने उद्यम सेतु का लोकार्पण कर MSME सेक्टर को नई ताक़त देने का ऐलान किया। लोन के बंधक नियमों में बदलाव, स्टार्टअप महाकुंभ और तकनीकी नवाचार से छोटे उद्योगों को मिला बड़ा संबल।

CM Mohan Yadav MSME Initiatives: भारत की आर्थिक प्रगति की कहानी में लघु उद्योग और MSME सेक्टर एक अहम भूमिका निभा रहे हैं। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘उद्यम सेतु’ का लोकार्पण करते हुए कहा कि छोटे उद्योग केवल व्यापार नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण का आधार हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बंधक संपत्तियों को लोन चुकता होते ही मॉर्टगेज और डबल मॉर्टगेज से मुक्त करने का नियम लागू किया जाएगा। यह कदम MSME सेक्टर को नई राहत देगा और उद्यमियों के लिए वित्तीय स्वतंत्रता का रास्ता खोलेगा।

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‘उद्यम सेतु’ का लोकार्पण: MSME उद्योगों के लिए नई उम्मीद

भोपाल के गोविंदपुरा औद्योगिक प्रक्षेत्र में बने 4 करोड़ रुपए की लागत से तैयार उद्यम सेतु भवन का लोकार्पण डॉ. यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया। इस अवसर पर स्टार्टअप एवं लघु उद्यमी महाकुंभ-2025 और लघु उद्योग भारती का द्वि-वार्षिक प्रादेशिक सम्मेलन भी आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य है MSME सेक्टर को तकनीक, मार्केटिंग और नीति सहायता से सशक्त बनाना।

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आत्मनिर्भर भारत में MSME की भूमिका

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 6 करोड़ से अधिक MSME भारत की GDP में 30% से ज्यादा योगदान देते हैं और 45% निर्यात इन्हीं उद्योगों से आता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश हमें बताता है कि भारत का भविष्य बड़े उद्योगों पर नहीं, बल्कि छोटे उद्योगों के मजबूत नेटवर्क पर निर्भर है।

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तकनीकी नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोर दिया कि स्टार्टअप्स और MSME को बढ़ावा देने के लिए:

  • नए आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेज खोले जाएंगे।
  • इंजीनियरिंग कॉलेजों में रिसर्च वर्क को प्रोत्साहन मिलेगा।
  • उद्यमियों को समयबद्ध अनुमतियां और सब्सिडी आधारित योजनाएं दी जाएंगी।
  • MSME को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स से जोड़कर ‘लोकल से ग्लोबल’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

लघु उद्योग: परंपरा, कौशल और रोजगार का संगम

  • लघु उद्योग केवल व्यापारिक इकाइयाँ नहीं हैं, ये समाज में कौशल, परंपरा और आत्म-सम्मान का प्रतीक हैं।
  • ये उद्योग लाखों परिवारों की रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
  • महिला सशक्तिकरण में भी इनकी भूमिका बेहद अहम है।
  • पर्यावरण संरक्षण में भी लघु उद्योग योगदान देते हैं, क्योंकि इनमें कार्बन उत्सर्जन नगण्य है।

आर्थिक विकास की रीढ़ और भविष्य का विज़न 2047

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत को 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने में MSME सेक्टर की सबसे बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने उद्यमियों को “दाम कम, दम ज्यादा” मंत्र अपनाने की सलाह दी ताकि गुणवत्ता और ब्रांड वैल्यू का निर्माण हो सके।

लघु उद्योग भारती का योगदान

लघु उद्योग भारती ने अब तक प्रदेश में 5 आईटीआई को मॉडल आईटीआई के रूप में विकसित किया है। इस संस्था का लक्ष्य है छोटे उद्योगों को तकनीकी प्रशिक्षण, विपणन सहयोग और नीति मार्गदर्शन प्रदान करना।

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