मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार अतिवृष्टि, बाढ़ और पीला मोजैक/कीट से प्रभावित 23,81,104 किसानों को कुल लगभग 1,802 करोड़ रुपए राहत दी गई है (1623.51 करोड़ फसल हानि व 178.45 करोड़ अन्य आपदा पूर्ति)। सरकार किसानों के साथ समर्पित है।

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इस साल अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ। इसके साथ ही पीला मोजैक और कीट प्रकोप ने भी फसलों को प्रभावित किया। बारिश के कारण जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति से भी किसानों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ी। ऐसे कठिन हालातों में राज्य सरकार ने किसानों को हर संभव संबल देने में कोई कमी नहीं रखी है।

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अतिवृष्टि/बाढ़ व कीट प्रकोप से प्रभावित किसानों को दी गई राहत — कुल रक्म

मुख्यमंत्री ने बताया कि अतिवृष्टि, बाढ़ और कीट / पीला मोजैक से फसल या मकान क्षति से जूझ रहे प्रदेश के 23,81,104 (23 लाख 81 हजार 104) से अधिक प्रभावित किसानों को अब तक लगभग 1,802 करोड़ रुपए की राहत राशि वितरित की जा चुकी है।

यह राशि आरबीसी 6(4) के तहत दी गई और इससे किसानों को फिर से खड़ा होने में महत्वपूर्ण मदद मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह 1,802 करोड़ रुपए की राशि पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में बांटी गई 660.57 करोड़ रुपए से करीब तीन गुना अधिक है।

राहत राशि का विस्तृत विभाजन

अतिवृष्टि/बाढ़ एवं पीला मोजैक/कीट व्याधि से फसल हानि के लिए 23,81,104 प्रभावित किसानों को 1,623.51 करोड़ रुपए राहत राशि दी गई है।

प्राकृतिक आपदाओं से हुई अन्य प्रकार की क्षतियों की पूर्ति के लिए 178.45 करोड़ रुपए अतिरिक्त के रूप में वितरित किए गए।

कुल मिलाकर अतिवृष्टि/बाढ़, पीला मोजैक/कीट व्याधि व अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को लगभग 1,802 करोड़ रुपए राहत के रूप में मिल चुके हैं।

वित्तीय वर्षों में सरकार द्वारा दी गई राहत का आंकलन

वित्त वर्ष 2021-22 में 1,590.74 करोड़ रुपए राहत राशि वितरित की गई थी।

वित्त वर्ष 2022-23 में 726.15 करोड़ रुपए राहत दी गई।

वित्त वर्ष 2023-24 में 758.62 करोड़ रुपए राहत राशि दी गई थी।

वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 660.57 करोड़ रुपए राहत बांटी गई थी और मौजूदा वितरण इससे काफी ज्यादा है।

सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए सरकार के खजाने में धन की कोई कमी नहीं है। प्रदेश का हर जरूरतमंद किसान सरकार का साथ, सहयोग और संबल प्राप्त कर रहा है।

चाहे अतिवृष्टि हो या बाढ़, कीट व्याधि हो या कोई अन्य प्राकृतिक आपदा — किसान हर मौसम में फसल नुकसान का जोखिम उठाते हैं। फसल नुकसान से किसान और उसके परिवार की साल भर की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसी परिस्थितियों में हमारी सरकार किसानों को अकेला नहीं छोड़नी है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों की हर कठिनाई में राज्य सरकार उनके साथ है और किसानों का दुख पूरे प्रदेश का दुख है। किसानों के सुख-शांति से ही प्रदेश की समृद्धि संभव है और इसलिए हर जरूरी मदद और राहत राशि देने में सरकार कभी कमी नहीं करेगी।

किसानों के लिए सरकार द्वारा उठाए गए अन्य कदम

सरकार ने सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया है।

किसानों को बिजली की सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं।

शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू किया जा रहा है तथा फसल बीमा की राशि समय पर किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा रही है। इन कदमों से प्रदेश के किसान भाइयों में नया विश्वास और आशा जगी है।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार किसानों की सरकार है और उनकी हर कठिनाई में त्वरित मदद सुनिश्चित की जाएगी। किसानों को फिर से खड़ा करने और उनकी आय-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राहत राशि और अन्य लाभों का समय पर वितरण जारी रहेगा।