MP Healthcare Expansion 2025: मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खुल रहे हैं। सीएम शिवराज की पहल से प्रदेश में मेडिकल शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयाँ मिल रही हैं।

Madhya Pradesh New Medical Colleges: स्वास्थ्य के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने देशभर में अपनी खास पहचान बनाई है। दिल्ली से तैयार हुई योजनाओं को जमीन पर उतारने का जो काम यहां हो रहा है, वह बाकी राज्यों के लिए मिसाल बन चुका है। यही वजह है कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रसाद नड्डा ने सोमवार को कहा कि "मध्यप्रदेश हेल्थ केयर फैसिलिटी और इनोवेशन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है"।

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सोमवार को जबलपुर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअली श्योपुर और सिंगरौली जिले के नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया। इन दोनों संस्थानों में 100-100 MBBS सीटों की अनुमति भी मिल गई है, जिससे अब यहां सीधे प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। इस मौके पर नड्डा ने कहा कि भारत आज दुनिया का पहला देश है जिसने अपनी बड़ी आबादी को 5 लाख रुपये सालाना स्वास्थ्य कवरेज उपलब्ध कराया है।

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स्वास्थ्य सेवाओं में नया आयाम, पीपीपी मॉडल से मेडिकल कॉलेज

कार्यक्रम में बैतूल, कटनी, धार और पन्ना जिलों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए अनुबंध भी किए गए। केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने मंच से प्रदेश के 8 लाख वरिष्ठ नागरिकों को वय वंदना कार्ड सौंपने की शुरुआत की और ‘आयुष्मान सखी’ स्मार्ट चैटबॉट लॉन्च किया।

नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों के चलते स्वास्थ्य क्षेत्र में क्योर से ज्यादा प्रिवेंशन पर फोकस किया जा रहा है। मातृ-शिशु स्वास्थ्य, कैंसर, हाइपरटेंशन, डायबिटीज और सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग जैसे काम मिशन मोड में चल रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आज देश में 780 मेडिकल कॉलेज और 1.70 लाख MBBS सीटें हैं, और अगले 5 साल में 75 हजार नई सीटें बढ़ाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री यादव का संकल्प - हर जिले में मेडिकल कॉलेज

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्ष 2003 में जहां केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं आज सरकारी और निजी मिलाकर 32 मेडिकल कॉलेज हो गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में मेडिकल या आयुर्वेदिक कॉलेज स्थापित हो और जनता को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि आने वाले समय में प्रदेश में 26 सरकारी मेडिकल कॉलेज होंगे। वहीं प्रमुख सचिव संदीप यादव ने कहा कि यह दिन चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक है क्योंकि प्रदेश में स्वास्थ्य मिशन, यकृत अभियान और आयुष्मान योजना से बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

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