मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान बिरसा मुंडा जयंती की शुभकामनाएं दीं और उनके योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में धार और शहडोल में विशेष आयोजन होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती मनाने की जो घोषणा की.. यह निर्णय इतिहास के पन्ने पर ध्यान आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ भगवान बिरसा मुंडा ने बिहार-झारखंड से खड़े होकर के हमारे समाज का प्रबल प्रतिरोध स्थापित किया और आदिवासी अंचल से आंदोलन की जो मालिका बनी उसके कारण अंततः अंग्रेजों को भारत छोड़ना पड़ा।

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उन्होंने कहा कि जीते जी जो अपने संघर्षों के कारण मनुष्य भगवान का दर्जा पा गए, ऐसे भगवान बिरसा मुंडा की जयंती मध्यप्रदेश सरकार भी मना रही है और हम दो बड़े कार्यक्रम कर रहे हैं, वैसे तो सभी स्थानों पर यह कार्यक्रम करने की हमने अपेक्षा की है...धार और शहडोल जिले में बड़े आयोजन हो रहे हैं।

उन्होंने आव्हान करते हुए कहा कि आइए, इस कार्यक्रम को सफल बनाएं और भगवान बिरसा मुंडा के इन सारे पक्षों को सामने लाएं जिनसे हमारा स्वतंत्रता आंदोलन मजबूत हुआ, मेरी अपनी ओर से आप सब को बधाई।

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भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को भव्य स्वरूप में मनाया जाए: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मनुष्य के रूप में जीते जी जिन्हें भगवान का दर्जा मिला, ऐसे भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती प्रति वर्ष मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अतीत में इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण बिहार, झारखंड की धरती से उन्होंने अंग्रेजों का प्रबल प्रतिरोध स्थापित किया, जहां से आदिवासी अंचल में दो स्वतंत्रता आंदोलन की भूमिका बनी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती का राज्य स्तरीय कार्यक्रम शहडोल और धार में आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों से स्वतंत्रता आंदोलन में भगवान बिरसा मुंडा के उन पक्षों को भी सामने रखा जायेगा, जिससे स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूती मिली।