मध्य प्रदेश सरकार अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर महेश्वर में कैबिनेट बैठक आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे महिला सशक्तिकरण और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। नई नारी शक्ति नीति की भी घोषणा होगी।

भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार मां अहिल्याबाई होल्कर के पदचिन्हों पर चल रही है। यह सरकार उनके सुशासन, नारी शक्ति, विकास और परंपरा को चरितार्थ करती दिखाई दे रही है। प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने उनकी छवि को अपने मंत्रिमंडल में आत्मसात करने के लिए कैबिनेट बैठक का आयोजन 24 जनवरी को महेश्वर में किया है। इस मौके पर सीएम यादव ने कहा कि प्रदेश के विकास को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने डेस्टिनेशन कैबिनेट की ऐतिहासिक पहल की है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पर्यटन को बढ़ावा देने की अवधारणा को भी साकार करती है।

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बता दें, सीएम यादव ने इस कैबिनेट की बैठक को देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती वर्ष को समर्पित किया है. उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई का सम्पूर्ण जीवन लोक-कल्याण और सुशासन को समर्पित रहा है। राज्य सरकार देवी अहिल्याबाई के महिला सशक्तिकरण, किसान-कल्याण, सुशासन की दिशा में दिखाए रास्ते पर चल रही है। उनकी ही तरह हमारी सरकार भी प्रदेश के पूर्ण विकास के लिए संकल्पित है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई के सिद्धातों को आदर्श राज्य की नीति-निर्माण में समाहित किया जाएगा। सीएम यादव ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन से हमें प्रेरणा मिली है. इसलिए हमारी सरकार ने महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण की दिशा में कदम आगे बढ़ाए हैं. उन्होंने कहा कि महेश्वर में आयोजित होने जा रही बैठक में नारी शक्ति को लेकर नई पॉलिसी की भी घोषणा की जाएगी।

क्या होगा महेश्वर में

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जनवरी को महेश्वर घाट पर मां नर्मदा की पूजा-अर्चना करेंगे। उसके बाद लोकमाता देवी अहिल्याबाई की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। यहां मां अहिल्याबाई की स्मृति में पौध-रोपण भी किया जाएगा। महेश्वर में मां नर्मदा के घाटों के साथ ही पूरे शहर को सजाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव महेश्वरी साड़ी तैयार करने वाली महिला बुनकरों से सीधी बात भी करेंगे. इसके बाद वे और उनके मंत्री मां अहिल्याबाई का महल भी देखने जाएंगे।