मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करें। अक्टूबर में कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें आगामी वर्ष की विकास कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

प्रदेश में विकास की रफ्तार तेज करने और जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रभारी मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करें। इसके साथ ही आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण कराया जाए।

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जिलों में जिम्मेदारी तय, अक्टूबर में होगी कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि प्रदेश में चल रही विकास गतिविधियों और कल्याणकारी योजनाओं का मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन होना चाहिए। प्रभारी मंत्री समय-समय पर जिलों का दौरा करें और वहां की प्रशासनिक मशीनरी से सीधा संवाद स्थापित कर योजनाओं की स्थिति की जानकारी लें।

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डॉ. यादव ने यह भी बताया कि अक्टूबर माह में राज्य स्तर पर कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इस कॉन्फ्रेंस में सभी मंत्रीगण, कमिश्नर, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, संभागीय अधिकारी, आईजी, विभाग प्रमुख और सचिवालयीन अधिकारी शामिल होंगे।

नई विकास कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कॉन्फ्रेंस से पहले आगामी वर्ष की विकास कार्ययोजना तैयार कर ली जाए। इस कार्ययोजना का उद्देश्य प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति देना है, ताकि योजनाओं का असर सीधे जनता तक पहुंचे।

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