IMD Rain Report MP: मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री पर ब्रेक! कहीं झमाझम तो कहीं तपा रही आग, IMD की भविष्यवाणी ने बढ़ाई हलचल—जानिए किन जिलों में बादल जमकर बरसेंगे और कहां रहेगा सूखा सा सन्नाटा? क्या आपके शहर का भी फटेगा बादल? जवाब चौंकाने वाला है!

MP Monsoon Update: मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। देश के कई हिस्सों की तरह यहां भी प्री-मानसून सक्रिय हो चुका है, लेकिन कुछ जिलों में अब भी भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने मानसून को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। विभाग के अनुसार मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है, जिससे प्रदेश में 8 से 10 दिन की देरी हो सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस बार एमपी में औसत से ज्यादा बारिश का अनुमान है।

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प्री-मानसून की मार: कहीं झमाझम बारिश, कहीं तपिश से बेहाल जनता

प्रदेश के कुछ हिस्सों जैसे जबलपुर और शहडोल में जहां प्री-मानसून सक्रिय होकर अच्छी बारिश हो रही है, वहीं सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और रीवा संभागों में भीषण गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। मौसम में ये असंतुलन चिंता का कारण बनता जा रहा है।

IMD का बड़ा अनुमान: इस बार एमपी में औसत से ज्यादा बारिश संभव

मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक मध्यप्रदेश में इस बार सामान्य से बेहतर मानसून रहेगा। अनुमान है कि पूरे प्रदेश में औसतन 40 इंच तक बारिश हो सकती है। इसका मतलब है कि खेती-किसानी और जल स्तर के लिए यह मानसून राहत भरा हो सकता है।

सबसे ज्यादा बारिश कहां होगी?

IMD की रिपोर्ट बताती है कि जबलपुर और शहडोल संभागों में सबसे ज्यादा वर्षा देखने को मिल सकती है। इन क्षेत्रों में मानसून का प्रभाव सबसे प्रबल रहने की संभावना है।

इन संभागों में भी फुल होगा मानसूनी कोटा

भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा, सागर, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभागों में भी अच्छी बारिश की भविष्यवाणी की गई है। यहां 150 प्रतिशत तक वर्षा हो सकती है, जो औसत से काफी अधिक है।

उत्तर, पश्चिम और पूर्वी MP में क्या कहता है अनुमान?

  • उत्तरी जिलों (ग्वालियर-चंबल) में सामान्य बारिश की संभावना।
  • पश्चिमी एमपी (इंदौर-उज्जैन) में मानसूनी कोटा पूरा होने की उम्मीद।
  • पूर्वी क्षेत्र (रीवा, शहडोल) में भारी बारिश की चेतावनी।

जून से सितंबर तक एक्टिव रहेगा मानसून

मौसम विभाग ने पहले अप्रैल में भी अनुमान जताया था कि जून से सितंबर के बीच मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। हालांकि प्रारंभिक चरण में थोड़ी देरी जरूर होगी, लेकिन जुलाई-अगस्त में झमाझम बारिश की भरमार होगी।