मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान शुरू किया। सरकार ने नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, जागरूकता और सख्त कार्रवाई का संदेश दिया।
भोपाल। मध्यप्रदेश में नशा मुक्त समाज बनाने की दिशा में 14 जुलाई को बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयार नशा मुक्ति संबंधी जन-जागरूकता सामग्री तथा गृह मंत्रालय के अभियान पोस्टर का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने वाली एक शॉर्ट फिल्म भी प्रदर्शित की गई। खास बात यह रही कि इस फिल्म में पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वयं अभिनय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर सबसे कठोर कार्रवाई की जाएगी।
MP Anti Drug Campaign: समाज को जागरूक करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जीवन में कई कार्य रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा होते हैं, लेकिन सबसे अधिक संतोष वही कार्य देता है जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाए। उन्होंने इस जन-जागरूकता अभियान के लिए पुलिस विभाग की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में कई बड़े अभियान चलाए जा रहे हैं और नशा मुक्ति भी उन्हीं महत्वपूर्ण अभियानों में शामिल है। उन्होंने कहा कि समाज को नशे से बचाने के लिए केवल कानून नहीं, बल्कि जनभागीदारी और जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है।
CM Mohan Yadav: नक्सलवाद खत्म करने का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय मध्यप्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में अपराध, डकैत और नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौतियां थीं। आज चंबल क्षेत्र अपराधों से काफी हद तक मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद समाप्त करने के लिए समयसीमा तय की थी। संतोष की बात यह है कि मध्यप्रदेश ने सबसे पहले अपने यहां से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया किया। अब पूरे देश में "लाल सलाम" को "आखिरी सलाम" कहा जा रहा है।
Drug Free MP: पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर चल रही कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग में पदोन्नति के रास्ते खुलने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है और सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है। इसलिए सरकार पुलिस विभाग के साथ मिलकर इस बुराई के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ भी समन्वय बनाकर नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई कर रही है। संगठित गिरोहों के खिलाफ कठोर कदम उठाने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
Zero Tolerance Policy: स्कूल-कॉलेजों में भी चलेंगे जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वर्ष 2029 तक भारत को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश पुलिस स्कूलों और कॉलेजों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन, काउंसलिंग और पुनर्वास जैसी सुविधाओं के माध्यम से नशे के शिकार लोगों को नई जिंदगी देने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि नशे के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो, जो पूरे समाज के लिए मिसाल बने। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि स्कूलों और कॉलेजों में नशा मुक्ति से जुड़े पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने उपस्थित नागरिकों को नशा मुक्त मध्यप्रदेश बनाने की शपथ भी दिलाई।
MP Police Action: 15 से 30 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशा मुक्त भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है। समाज के हर वर्ग को जोड़ते हुए स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई तक पूरे मध्यप्रदेश में चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस एमडी सहित अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। आने वाले समय में संगठित गिरोहों के खिलाफ और अधिक सख्त अभियान चलाया जाएगा।


