मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 13,790 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मंजूर किए। सिंचाई, 2800 MW बिजली, 140 खेल परिसर और न्यायिक योजनाओं पर बड़े फैसले हुए।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 22 सितंबर को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे, कृषि और सिंचाई व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, खेल सुविधाओं तथा प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट ने कुल मिलाकर करीब 13 हजार 790 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को स्वीकृति दी। इनमें किसानों, खिलाड़ियों, युवाओं, आम नागरिकों और न्याय व्यवस्था से जुड़े कई फैसले शामिल हैं। सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता से लेकर 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण और 2800 मेगावाट ताप विद्युत खरीद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने तक, बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए।

MP Cabinet: सिंचाई परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये मंजूर

कैबिनेट बैठक में सिंचाई क्षेत्र को खास महत्व दिया गया। राजगढ़ की सुठालिया सिंचाई परियोजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 262 करोड़ 63 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इस परियोजना का लक्ष्य सूक्ष्म सिंचाई पद्धति के जरिए राजगढ़ जिले में करीब 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।

इसी तरह नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए 4,197 करोड़ 58 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। यह परियोजना दबाव आधारित सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली पर केंद्रित है। इसके जरिए खेतों तक पानी पहुंचाने के साथ पानी की बचत और सिंचाई क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। सरकार के अनुसार, इससे क्षेत्र की कृषि उत्पादकता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना को भी मिली मंजूरी

राजगढ़ की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना को भी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। परियोजना के तहत बांध निर्माण के माध्यम से राजगढ़ जिले में 48 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

तीनों सिंचाई परियोजनाओं के लिए स्वीकृत राशि को देखें तो नीमच और राजगढ़ के बड़े कृषि क्षेत्रों में सिंचाई ढांचे को आगे बढ़ाने पर सरकार का जोर साफ दिखाई देता है। उपलब्ध कैबिनेट विवरण में इन परियोजनाओं से 2026-27 से 2030-31 की अवधि में सिंचाई क्षमता के विस्तार का लक्ष्य बताया गया है।

2800 MW Thermal Power खरीद को मंजूरी, बिजली व्यवस्था पर बड़ा फैसला

कैबिनेट ने प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 2800 मेगावाट ताप विद्युत खरीद के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दी है। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के डीबीएफओओ मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के जरिए बिजली खरीद से संबंधित कार्रवाई करने की अनुमति दी गई है।

इसमें मध्य प्रदेश में मौजूद, निर्माणाधीन और प्रस्तावित नई ग्रीनफील्ड तथा ब्राउनफील्ड ताप विद्युत परियोजनाओं से बिजली खरीद की प्रक्रिया शामिल होगी। नियामक आयोग के अनुमोदन और आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई के लिए एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक को अधिकृत किया गया है।

इस फैसले का एक और महत्वपूर्ण पहलू है। 24 जनवरी 2025 को 900 मेगावाट ताप विद्युत खरीद को लेकर लिया गया पूर्व निर्णय संबंधित निविदा निरस्त होने के बाद अब 2800 मेगावाट की नई प्रस्तावित खरीद में शामिल माना जाएगा।

140 विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

खेल और युवाओं से जुड़े फैसले में कैबिनेट ने प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण और संचालन के लिए 962 करोड़ 50 लाख रुपये की सैद्धांतिक सहमति दी है। इन परिसरों का नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रखा जाएगा। सरकार की योजना विधानसभा स्तर पर खेल सुविधाओं को विकसित करने की है, ताकि खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जा सके।

कैबिनेट ने खेल परिसरों के मुख्य मैदान के बीच में स्थायी हेलीपैड बनाने का फैसला भी किया है। इसका उद्देश्य पीएमश्री योजना के हेलीकॉप्टरों के आवागमन को सुगम बनाना बताया गया है। इससे पहले भी मध्य प्रदेश में विधानसभा क्षेत्रों में खेल अधोसंरचना विकसित करने पर जोर दिया जाता रहा है।

ग्राम न्यायालय योजना को पांच साल के लिए विस्तार

कैबिनेट ने ग्राम न्यायालय योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए 554 करोड़ 61 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से राज्य के ग्राम न्यायालयों में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों और न्यायालयीन कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और कार्यालयीन खर्चों का भुगतान किया जाएगा। ग्राम न्यायालयों में कानून के तहत प्रस्तुत मामलों का निपटारा भी किया जाता है।

विधिक सहायता बोर्ड के लिए 524 करोड़ रुपये

मध्य प्रदेश विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना योजना को भी अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने का फैसला किया गया है। इसके लिए 524 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अंतर्गत संचालित परिवार न्यायालयों की स्थापना योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 1,000 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

MP High Court योजना के लिए 2,015.60 करोड़ रुपये

कैबिनेट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अंतर्गत संचालित ‘उच्च न्यायालय (भारित)’ योजना की निरंतरता के लिए 2,015 करोड़ 60 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। यह मंजूरी भी 16वें वित्त आयोग की अवधि यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए है। इस तरह न्यायिक ढांचे से जुड़ी कई योजनाओं के लिए अगले पांच वर्षों का वित्तीय प्रावधान तय किया गया है।

Commercial Tax की 6 योजनाओं के लिए 969.87 करोड़ रुपये

वाणिज्यिक कर विभाग की छह योजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए कुल 969 करोड़ 87 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें अलग-अलग योजनाओं के लिए राशि इस प्रकार है-

  • संपदा ई-रजिस्ट्री योजना: 62 करोड़ रुपये
  • स्टाम्पों की बिक्री पर व्यय: 664 करोड़ रुपये
  • स्टाम्पों की लागत: 175 करोड़ रुपये
  • विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण: 12 करोड़ 50 लाख रुपये
  • डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम: 46 करोड़ 37 लाख रुपये
  • जिला/उप पंजीयक कार्यालय भवन निर्माण एवं विस्तार: 10 करोड़ रुपये

इन फैसलों का संबंध रजिस्ट्री, स्टाम्प, भूमि रिकॉर्ड और विभागीय बुनियादी ढांचे से है।

इंदौर Dental College में 13 नए शिक्षकीय पद

कैबिनेट ने शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, इंदौर में 13 नए चिकित्सा शिक्षकों के पद सृजित करने को मंजूरी दी है। इनमें प्राध्यापक का 1 पद, सह-प्राध्यापक के 10 पद और सहायक प्राध्यापक के 2 पद शामिल हैं। इन पदों पर हर साल करीब 3 करोड़ 78 लाख रुपये का संभावित वित्तीय भार आएगा। इन नए पदों के जरिए बीडीएस और एमडीएस पाठ्यक्रमों की सीटों में भी बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है। बीडीएस की सीटें 63 से बढ़ाकर 100 और एमडीएस की सीटें 35 से बढ़ाकर 44 करने की योजना है।

मैहर, पांढुर्णा और सिंगरौली में नए PHE कार्यालय

कैबिनेट ने नवगठित जिलों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग यानी PHE की प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। मैहर जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का जिला कार्यालय स्थापित किया जाएगा। इसके लिए पांच नए स्थायी पद स्वीकृत किए गए हैं। कार्यालय सहायक के दो पद आउटसोर्स के जरिए भरे जाएंगे।

उचेहरा विकासखंड को नवगठित मैहर जिले में शामिल नहीं किए जाने के कारण उसे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी अनुविभाग सतना में ही रखा गया है। इसी तरह पांढुर्णा जिले में PHE का जिला कार्यालय स्थापित करने के लिए पांच नए स्थायी पद मंजूर किए गए हैं। यहां भी दो कार्यालय सहायकों की सेवाएं आउटसोर्स के माध्यम से ली जाएंगी।

वहीं, सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लॉक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का अनुविभागीय कार्यालय स्थापित होगा। इसके लिए तीन नए स्थायी पद स्वीकृत किए गए हैं और एक कार्यालय सहायक को आउटसोर्स के जरिए नियुक्त किया जाएगा।

CM मोहन यादव कैबिनेट के फैसलों में कई सेक्टर पर फोकस

22 सितंबर की कैबिनेट बैठक के फैसलों को एक साथ देखें तो इसमें सिंचाई और कृषि से लेकर बिजली, खेल, न्याय, कर प्रशासन, चिकित्सा शिक्षा और नए जिलों में प्रशासनिक ढांचे तक कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है। एक तरफ राजगढ़ और नीमच में सिंचाई परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, तो दूसरी तरफ 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के लिए राशि तय की गई है। बिजली जरूरतों के लिए 2800 मेगावाट ताप विद्युत खरीद की प्रक्रिया और न्यायिक योजनाओं को अगले पांच साल जारी रखने के फैसले भी बैठक के प्रमुख बिंदुओं में रहे।